अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सेक्टर-24 स्थित कालका स्टील कंपनी में हुए भीषण हादसे को लेकर कर्मचारी संगठनों ने सरकार और उद्योग प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और सीटू हरियाणा ने इसे सुरक्षा मानकों की अनदेखी और निगरानी तंत्र की कमजोरी का परिणाम बताया है।
सोमवार को हुए इस हादसे में दर्जनों मजदूर झुलस गए, जिनमें तीन पुलिसकर्मी और दो दमकल कर्मचारी भी शामिल हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद कर्मचारी नेताओं ने बीके अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और बेहतर इलाज की मांग की। औद्योगिक नगरी होने के बावजूद अस्पताल में बर्न वार्ड न होने पर भी नाराजगी जताई गई।
संगठनों के नेताओं सुभाष लांबा, नरेश कुमार शास्त्री और जय भगवान ने संयुक्त बयान जारी कर निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना है कि सेफ्टी एंड हेल्थ विभाग में स्टाफ की कमी और कानूनों में बदलाव के कारण उद्योग मालिकों की जवाबदेही कमजोर हुई है। नेताओं ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई, घायलों के समुचित उपचार और कम से कम दो लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है।