दूसरे मामले डबुआ कॉलोनी में सामने आया था। जिसमें मोटरसाइकिल सवार नकाबपोश युवकों ने एक जूस की दुकान और सैलून में तोड़फोड़ की। जिसमें बताया गया था कि सैलून संचालक ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसी के बाद नकाबपोश युवकों ने दुकान पर हमला किया था। तीसरा मामला 2/3 अगस्त की रात को कुछ उपद्रवियों ने कैल गांव में स्थित मस्जिद को पेट्रोल बम फेंके थे।
चौथा मामला फरीदपुर गांव में चंद्रपाल और आमिर के घर के गेट उपद्रवियों ने पथराव किया था। घर के दरवाजे तोड़ दिए थे। पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज होने के बाद क्राइम ब्रांच सेंट्रल ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
पांचवे मामले में फेसबुक पर हिन्दू देवी–देवता पर अभद्र भाषा का वीडियो शेयर कर धार्मिक भावनाओं को भड़काने और हेट स्पीच के मामले में आरोपी साजिद को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बिजनोर से गिरफ्तार किया था। हिंसा से जुड़ा अंतिम मामला नौ अगस्त को सामने आया।
जिले में धारा 144 हटाए जाने के बाद गांव गौंछी में उपद्रवियों ने भवन निर्माण सामग्री का कारोबार करने वाले एक कारोबारी के ट्रैक्टर में आग लगा दी थी। पुलिस ने अगले दिन एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह का कहना है कि नूंह हिंसा से जुड़े लगभग सभी मामलों में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।