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पत्नी की मौत के बाद पीएफ के पैसे से बनवाया था घर

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फरीदाबाद। सूरजकुंड स्थित अरावली वन क्षेत्र में बसे खोरी गांव में बुधवार सुबह बुजुर्ग गणेशी लाल ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इससे परिवार सहित क्षेत्र में मातम का माहौल है। लोगों ने बताया कि गणेशी लाल ने यह घर छह माह पहले पत्नी की मौत के बाद मिले पीएफ के रुपयों से बनवाया था। वहीं 7 जून को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मकानों को तोड़ने की बात सामने आने के बाद से ही गुमसुम रहने लगे थे। वह करीब एक सप्ताह से तनाव महसूस कर रहे थे।
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खोरी गांव में सुप्रीम कोर्ट द्वारा 10 हजार मकानों को तोड़फोड़ कर हटाए जाने के आदेश हैं। कोर्ट के आदेश से लोग सदमे और तनाव में हैं। लोगों ने अपनी उम्र भर की कमाई जमीन खरीदने व मकान बनाने में लगा दी। अब आशियाने उजड़ने का सदमा बर्दाश्त नहीं हो रहा है। बुधवार को सुबह करीब 5 बजे गणेशी लाल का शव पेड़ से लटका मिला। जिसके बाद तनाव का माहौल है। लोगों में पुलिस प्रशासन और सरकार के खिलाफ भारी रोष है। पड़ोसी रविंदर प्रसाद ने बताया कि गणेशी लाल करीब 15 सालों से यहां रह रहे थे। उनका पुश्तैनी काम पलंग बुनना और खाट बनाना है। लॉकडाउन में धंधा नहीं चलने की वजह से फिलहाल वह बीड़ी, सिगरेट, गुटखा और टॉफी व अन्य खाने-पीने की चीजें बेच कर काम चला रहे थे। उन्होंने प्रॉपर्टी डीलर से पांच हजार रुपये गज के हिसाब से जगह खरीदी थी और कच्चे मकान में झोंपड़ी बनाकर दोनों बेटे, बहुओं और उनके छह बच्चों के साथ रह रहे थे। उनकी पत्नी दिल्ली नगर निगम में कर्मचारी थीं। तीन महीने पहले एक सड़क दुर्घटना में मौत के बाद उन्हें पीएफ का पैसा मिला, जिसके बाद घर को पक्का बनवाया। कोर्ट के तोड़फोड़ के आदेश आने के बाद से परेशान थे। दो दिन पहले तक वह इस बारे में बताते भी थे कि अभी किसी तरह घर बनवाया। अब घर टूट जाएगा। वह अपने घर को टूटता हुआ कैसे देख सकते हैं।
वर्जन-
जब मकान बना था पिता बहुत खुश थे कि अपने रहते हुए वह बच्चों के लिए मकान बनाकर चले जाएंगे। लेकिन जब से उन्हें यह पता चला कि खोरी गांव में बने मकान टूटेंगे तभी से वह तनाव में थे। - राजेश, मृतक गणेशीलाल का पुत्र
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