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Faridabad News: बोरवेल में बच्ची की मौत के बाद सरकारी लापरवाही से साइकिल सवार की मौत, जिम्मेदार कोई नहीं

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बोरवेल में बच्ची की मौत के बाद सरकारी लापरवाही से साइकिल सवार की मौत, जिम्मेदार कोई नहीं
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में सरकारी लापरवाही से लोगाें की मौत का सिलसिला थम नहीं नहीं रहा है। सिही गांव के बोरवेल में बच्ची की मौत के बाद संजय कॉलोनी में एक साइकिल सवार फैक्टरी कर्मचारी की सीवर के पानी में गड्ढा न होने से करंट लगने से मौत हो गई। हालांकि, इस मामले में कोई भी विभाग अपनी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।
इसमें नगर निगम, एफएमडीए और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम प्रबंधन की लापरवाही सामने आ रही है। हालांकि, विभागीय अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। इससे यह पता नहीं चल पा रहा है कि इस हादसे का जिम्मेदार कौन है? शहर में पिछले कुछ वर्षों में खुले नाले, मैनहोल, बिजली के खंभे, टूटे तार, सड़क के गड्ढे और निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे लोगों की जान ले चुके हैं। अप्रैल 2023 में सेक्टर-85 में शराब ठेके के पास खड़े व्यक्ति पर बिजली का खंभा गिर गया था। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। खेड़ीपुल थाना पुलिस ने बिजली निगम के अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया था। इसके बाद कार्रवाई कहां तक पहुंची, यह स्पष्ट नहीं है।
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इसी तरह सितंबर 2022 में सेक्टर-23 में करंट लगने से एक व्यक्ति की मौत हुई थी। परिजनों की शिकायत पर मुजेसर थाना पुलिस ने अप्रैल 2023 में नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त के साथ बिजली निगम के एक्सईएन, एसडीओ और जेई को भी आरोपित बनाया था। लेकिन मामले में भी जिम्मेदारों पर कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।
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एक हादसा नहीं, लंबी है सूची
27 सितंबर 2026 को सिही गांव में खुले बोरवेल में गिरने से चार वर्षीय बच्ची की मौत
09 जुलाई 2025 को दुर्गा बिल्डर के पास खुले नाले में डूबने से सिक्योरिटी सुपरवाइजर योगेश की मौत हो गई।
15 मार्च 2025 को पर्वतीय कॉलोनी में डिस्पोजल के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरकर युवक की जान चली गई।
13 सितंबर 2024 की रात ओल्ड फरीदाबाद रेलवे अंडरपास में बारिश के पानी में डूबने से निजी बैंक के शाखा प्रबंधक और कैशियर की मौत हुई।

31 जुलाई 2024 को मोहना रोड पर खुले नाले में गिरकर बीटेक छात्र की मौत हो गई।
15 दिसंबर 2022 को सेक्टर-31 में सड़क के गड्ढे के कारण स्कूटी से गिरने से बच्ची की मौत हो गई

5 नवंबर 2022 को एयरफोर्स रोड मोड़ पर खुले नाले में गिरकर 11 वर्षीय किशोर की जान चली गई।
10 अप्रैल 2022 को सेक्टर-56 में खुले मैनहोल में गिरने से बैंककर्मी हरीश वर्मा की मौत हो गई।

28 दिसंबर 2021 को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर नाले के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरकर दो युवकों की मौत हुई थी।


बोरवेल मामले में अभी जिम्मेदारों का पता नहीं चला
खुले बोरवेल में गिरने से हुई बच्ची की मौत हुए करीब 18 दिन हो चुके हैं। अभी तक नगर निगम प्रशासन की ओर से इस मामले में जिम्मेदार लोगों को कटघरे में खड़ा नहीं किया जा सका है। हादसे के बाद निगमायुक्त यशेंद्र सिंह ने इस मामले में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। अभी तक इसकी रिपोर्ट का पता नहीं चल सका है।
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बड़ी सीवर लाइन एफएमडीए के अधीन आती हैं। यह पता लगाया जाएगा कि यह लाइन हमारे अधिकार क्षेत्र में आती है या नहीं।
ओमदत्त,कार्यकारी अभियंता, एफएमडीए

एफएमडीए और नगर निगम को आठ बार शिकायत की गई थी। 16 वर्ष से समस्या बनी हुई है। सीवर लाइन का काम चल रहा है। यहां बड़ी लाइन डाली जा रही है। गत वर्ष 29 मई से इसका काम शुरू हुआ था। 72 इंच लाइन की सफाई के बाद इन्होंने बंद लगाए हुए हैं। इस वजह से यहां सीवर का पानी जमा हो गया था। सीवर लाइन डालने से पहले बिजली निगम को खंभे और ट्रांसफार्मर हटाने के लिए भी दो बार पत्र लिखा गया था। इसमें बिजली निगम की भी लापरवाही है।
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संगीता भारद्वाज, नगर निगम पार्षद

बिजली निगम की इसमें क्या लापरवाही रही है, इसका पता लगाया जाएगा। एसडीओ से रिपोर्ट ली जाएगी। वैसे विभाग ने सभी तारों को ठीक करवा दिया था। - उर्मिला रानी, कार्यकारी अभियंता, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम

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