हाथरस का रहने वाला था इंद्रजीत
मृतक की पहचान 35 वर्षीय इंद्रजीत के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले का रहने वाला था। वह पिछले कुछ समय से फरीदाबाद के एसजीएम नगर इलाके में अपने माता-पिता और भाई के साथ किराये के मकान में रह रहा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवा दिया है।
बिना बताए निकला था घर से बाहर
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, इंद्रजीत रविवार दोपहर करीब दो बजे बिना कुछ बताए घर से निकला था। जब वह देर शाम तक वापस नहीं लौटा, तो परिवार वालों को चिंता हुई। परिजनों ने अपने स्तर पर सगे-संबंधियों और आसपास के इलाकों में उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि केसी सिनेमा रोड के पास स्थित जंगल क्षेत्र में एक व्यक्ति का शव फंदे से लटका हुआ है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब जांच शुरू की, तो मृतक की पहचान इंद्रजीत के रूप में हुई।
फांसी लगाने से पहले काटी हाथ की नस
मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इंद्रजीत ने फांसी लगाने से पहले अपने हाथों की नसें काटने का भी प्रयास किया था, क्योंकि उसके हाथों पर गहरे जख्म के निशान मिले हैं। मृतक के मामा ने बताया कि इंद्रजीत लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था और उसका उपचार भी चल रहा था। मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह कोई काम-धंधा नहीं करता था और ज्यादातर समय घर पर ही रहता था। रविवार को वह अचानक घर से निकल गया और सोमवार को उसकी मौत की खबर मिली।
पुलिस का बयान
एसजीएम नगर थाना प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि सोमवार सुबह पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली थी कि जंगल में एक युवक ने पेड़ से लटककर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शव को पेड़ से नीचे उतरवाया। शुरुआती साक्ष्यों और परिजनों के बयानों के आधार पर यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बादशाह खान सिविल अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में सीआरपीसी की धारा 174 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और समय का पूरी तरह से खुलासा हो पाएगा। फिलहाल पुलिस मृतक के मोबाइल फोन और अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच को आगे बढ़ा रही है।