जीआरपी जांच अधिकारी हीरालाल ने बताया कि सोमवार रात करीब साढ़े 11 बजे रेलवे ट्रैक की जांच के दौरान युवक का शव पड़ा मिला। सूचना मिलते ही जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। पुलिस को मृतक के मोबाइल पर लगातार आ रही कॉल से उसकी पहचान करने में मदद मिली।
रात करीब एक बजे जब पुलिस ने फोन रिसीव किया, तो मृतक के भाई सतनाम से बात हुई। सतनाम ने बताया कि मंजीत चार भाइयों में तीसरे नंबर का था और अविवाहित था। वह मेवला महाराजपुर की एक कंपनी में नौकरी करता था, लेकिन दस दिन पहले हुए एक विवाद के बाद उसने नौकरी छोड़ दी थी।
परिजनों के अनुसार, सोमवार रात नौ बजे खाना खाने के बाद मंजीत टहलने निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। रात दस बजे से उसका फोन बिजी आ रहा था और बाद में उसने फोन उठाना बंद कर दिया। पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामला आत्महत्या का लग रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।