एफआईआर और 3 साल तक की सजा का प्रावधान
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में बिना विभागीय अनुमति के विकसित की जा रहीं अवैध कॉलोनियों के खिलाफ नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिला नगर योजनाकार फरीदाबाद की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि राज्य के किसी भी शहर में कॉलोनी विकसित करने से पहले निदेशक, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग, हरियाणा चंडीगढ़ से अनुमति लेना अनिवार्य है।
विभाग के संज्ञान में आया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भू-मालिक, प्रॉपर्टी डीलर और अन्य लोग बिना सरकारी अनुमति के विकसित हो रहीं अवैध कॉलोनियों का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। साथ ही आम लोगों को बहला-फुसलाकर इन कॉलोनियों में प्लॉट बेचे जा रहे हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध कॉलोनियां विकसित करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है और ऐसी कॉलोनियों में लगातार तोड़फोड़ की कार्रवाई भी की जा रही है। भविष्य में भी नियमों के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जिला योजनाकार अधिकारी यजन चौधरी के अनुसार, अवैध कॉलोनियों का प्रचार-प्रसार और विज्ञापन करना भी शहरी क्षेत्र अधिनियम 1975 का उल्लंघन है। इसके तहत तीन साल तक के कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। विभाग ने आमजन से अपील की है कि किसी भी बहकावे में आकर अवैध कॉलोनियों में प्लॉट न खरीदें और न ही किसी प्रकार का निर्माण कार्य करें।
विभाग ने चेतावनी दी है कि रजिस्ट्री या एग्रीमेंट होने के बावजूद अवैध निर्माणों को तोड़ दिया जाएगा। इसके अलावा अवैध कॉलोनियों के विकास, प्रचार-प्रसार और विज्ञापन में शामिल भू-मालिकों, प्रॉपर्टी डीलरों और अन्य लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, जिसमें एफआईआर दर्ज कराना भी शामिल है।