अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम आयुक्त ए मोना श्रीनिवास ने कहा कि शहर में सभी रेहड़ी-पटरी वालों का पंजीकरण होना जरूरी है। इसे लेकर अधिकारियों की बैठक की और सभी को जिम्मेदारी तय कर दी है। बिना पंजीकरण के रेहड़ी लगाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
आयुक्त ने कहा कि स्ट्रीट वेंडर ने अगर नगर निगम में पंजीकरण नहीं कराया, तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। विभिन्न बाजारों, चौक-चौराहों और सड़कों पर रेहड़ी-पटरी लगाने वालों के पंजीकरण करने को अब नगर परियोजना अधिकारी, तोड़फोड़ शाखा तथा स्वास्थ्य शाखा की टीमें जाएंगी। नगर निगम में भी शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने तीनों जोन के तोड़फोड़ दस्ते को 9 हजार रेहड़ी-पटरी वालों के पंजीकरण कराने को कहा है। इसके अलावा छह हजार मेडकल अधिकारी को और तीन हजार सभी जेडटीओ को पंजीकरण कराने को कहा है। सभी को इसके लिए पंजीकरण करने वाले टीम मुहैया कराई गई है। अब नगर परियोजना अधिकारी द्वारिका प्रसाद के कार्यालय से तोड़फोड़ शाखा को जोड़ा गया है। बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त गौरव अंतिल, ओल्ड फरीदाबाद नगर निगम की संयुक्त आयुक्त शिखा तथा स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. प्रभजोत कौर व द्वारिका प्रसाद रहे । बैठक में निगमायुक्त ने आदेश दिए कि एनआइटी, ओल्ड फरीदाबाद तथा बल्लभगढ़ में शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में स्ट्रीट वेंडर को पंजीकृत किया जाएगा। बाद में डाॅ. गौरव अंतिल ने भी एसडीओ सुरेंद्र हुड्डा, सुमेर सिंह तथा नगर परियोजना अधिकारी द्वारिका प्रसाद के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि स्ट्रीट वेंडर को पंजीकरण के बाद बैंकों से पीएम स्वनिधि योजना के तहत ऋण दिलवाया जाए। साप्ताहिक बाजार के सभी वेंडर भी पंजीकृत किए जाएंगे।