वन विभाग ने जिला प्रशासन को अप्रैल में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के लिए लिखा था पत्र, अब दोबारा भेजने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अरावली वन क्षेत्र में बिना अनुमति लगाए गए मोबाइल टावरों को हटाने की कार्रवाई प्रशासनिक अड़चनों के कारण अटक गई है। वन विभाग को टावर हटाने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट की जरूरत है, लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं होने से कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है। विभाग अब जिला प्रशासन को दोबारा पत्र भेजने की तैयारी में है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार अरावली क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर लगे 12 मोबाइल टावरों को चिन्हित किया गया है। इनमें निजी टेलीकॉम कंपनियों के टावर शामिल हैं। विभाग ने नवंबर में कार्रवाई करते हुए वन क्षेत्र से एक मोबाइल टावर हटाया था। इसके बाद इंडस टावर, जियो और वोडाफोन कंपनियों को अन्य टावर हटाने के लिए नोटिस जारी कर 10 दिन का समय दिया गया था, लेकिन तय समय सीमा के बाद भी कंपनियों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सूत्रों के मुताबिक वन विभाग ने अप्रैल में जिला प्रशासन को पत्र लिखकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने का अनुरोध किया था, ताकि पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई शुरू की जा सके। हालांकि, एक महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद अब तक किसी अधिकारी की नियुक्ति नहीं हो सकी है। अधिकारियों का कहना है कि हाल के दिनों में नगर निगम और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार तोड़फोड़ अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कारण प्रशासनिक अधिकारियों की व्यस्तता बढ़ी हुई है और वन विभाग को ड्यूटी मजिस्ट्रेट उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
जून के पहले सप्ताह से कार्रवाई शुरू होने की संभावना है। विभाग की ओर से टावर हटाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। अरावली वन क्षेत्र में बिना अनुमति लगाए गए मोबाइल टावरों को हटाने की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार की जाएगी। ड्यूटी मजिस्ट्रेट की नियुक्ति के लिए जिला प्रशासन को दोबारा पत्र भेजा जाएगा। कार्रवाई के दौरान आने वाला खर्च संबंधित कंपनियों से वसूला जाएगा। - झलकार उयके, डीएफओ, वन विभाग