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बरिश के बीच खोरी में 500 मकानों पर कार्रवाई

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फरीदाबाद। हल्की बारिश के बीच शुक्रवार को खोरी गांव में तोड़फोड़ की कार्रवाई जारी रही। इस इस बीच लोग अपने सामान को बचाने की जुगत में लगे रहे। पुलिस की मौजूदगी के कारण किसी तरह का कोई विरोध देखने को नहीं मिला। निगम अधिकारियों ने पुरानी खोरी की बिलाल मस्जिद के पास से कार्रवाई शुरू की थी। हालांकि बारिश के कारण कार्रवाई में देरी हुई। मौसम ठीक होते ही निगम का पीला पंजा तोड़फोड़ में जुट गया। इस दौरान करीब 500 मकानों को तोड़ा गया।
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लोगों का कहना है कि बरसात के कारण उन्हें टेम्पो या अन्य सवारियां नहीं मिल रही हैं। इसके चलते उन्हें सामान खली करने में भी परेशानी आ रही है। पुलिस की टीमें गांव के आसपास मौजूद रही। विरोध की गुंजाइश अब कम होने लगी है। पुलिस लगातार उपद्रवियों व प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ मामले दर्ज कर रही है। इससे लोगों में भय बन हुआ है। दो दिन पहले ही लोगों को भड़काने के आरोप में पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शाम करीब पांच बजे तक तोड़फोड़ की कार्रवाई जारी रही। इस दौरान कई दो और तीन मंजिला मकानों को तोड़ा गया।
पुनर्वास के फॉर्म से असमंजस में लोग
खोरी गांव में तोड़फोड़ के साथ-साथ कई दिनों से पुनर्वास योजना के फॉर्म भरवाए जा रहे थे। करीब पांच दिन पहले निगम अधिकारियों ने फार्म भरवाने बंद कर दिए थे। उनका कहना था कि फॉर्म भरने की तिथि समाप्त हो गई है। शुक्रवार को दोबारा से गांव में कुछ फॉर्म वितरित किये गए हैं। इस बार उन्हें लोगों में ही बांट दिया गया है। पहले निगम के अधिकारी इसे अपने पास ही रख लेते थे। लोगों को कॉपी या फोटो तक लेने की इजाजत नहीं थी। खोरी निवासी जीतेंद्र कुमार ने बताया कि निगम अधिकारियों की तरफ से फॉर्म बांटे जा रहे हैं। उनसे कहा गया है कि निगम कार्यालय में इसको जमा करना है। शुक्रवार को कुछ लोग एनआईटी स्थित निगम कार्यालय में गए थे, लेकिन उन्हें वापस भेज दिया गया। कहा गया कि राधा स्वामी सत्संग भवन में फार्म भरे जाएंगे, जबकि सत्संग भवन में कोई इसे लेने के लिए तैयार नहीं है। करीब 1100 लोगों आवेदन भरवाए गए हैं।
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तंबू में खाना बना रहे लोग
मकान टूट जाने के बाद लोग छोटे बच्चों के साथ प्लास्टिक शीट का तंबू लगाकर रहने व खाना बनाने पर मजबूर हैं। लोग मकान टूटने के बाद भी अपनी जगह को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। मलबा हटाने की बात कहकर लोग वहीं बैठे हुए हैं। बरसात कारण लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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