पूरे खेल में शामिल नगर निगम के कुछ कर्मचारियों पर भी कसेगा शिकंजा, विभागीय कार्रवाई तय
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जुलाई 2024 में स्टिल्ट प्लस चार मंजिल तक मकान निर्माण की अनुमति आम लोगों के लिए राहत लेकर आई थी लेकिन यही छूट अब शहर में अवैध निर्माण का बड़ा कारण बनती नजर आ रही है। नियमों और शर्तों को ताक पर रखकर कई इलाकों में चौथी मंजिल से ऊपर तक इमारतें खड़ी कर दी गई हैं। इस पूरे खेल में नगर निगम के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत की भी आशंका जताई जा रही है।
एनआईटी क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान जॉइंट कमिश्नर जितेंद्र जोशी की नजर जब इन अवैध निर्माणों पर पड़ी तो निगम प्रशासन हरकत में आ गया। मौके पर ही स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने इंफोर्समेंट ब्रांच के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक कर अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई की रणनीति बनाई। निगम सूत्रों के अनुसार चिन्हित की गईं अवैध इमारतों पर कभी भी तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू हो सकती है।
शर्तों की अनदेखी, नियम सिर्फ कागजों तक सीमित
सरकार ने वर्ष 2024 में स्टिल्ट प्लस 4 मंजिल निर्माण को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दी थी। इनमें 10 मीटर चौड़ी सड़क, एक यूनिट में अधिकतम 18 लोगों की क्षमता, पड़ोसियों की लिखित सहमति और 250 गज तक के छोटे प्लॉट पर बेसमेंट निर्माण पर रोक जैसी अहम शर्तें शामिल थीं।
पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विधानसभा में इस विषय पर उठे एतराज के बाद एक कमेटी का गठन भी किया था ताकि निर्माण से जुड़ी समस्याओं को संतुलित किया जा सके। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कई स्थानों पर इन शर्तों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बिना अनुमति अतिरिक्त मंजिलें डाली जा रही हैं । न सड़क की चौड़ाई देखी जा रही है और न ही पड़ोसियों की सहमति ली जा रही है।
डबुआ कॉलोनी का प्राइवेट स्कूल निगम के रडार पर
डबुआ कॉलोनी में निर्माणाधीन एक प्राइवेट स्कूल भी निगम की कार्रवाई के दायरे में आ गया है। शिकायत के बाद जांच में सामने आया है कि स्कूल का निर्माण बिना अनुमति के किया जा रहा है। निगम अधिकारियों के अनुसार यह निर्माण नियमों के अनुरूप नहीं है और इसे लेकर जल्द सख्त कदम उठाया जाएगा।
नोटिस, तोड़फोड़ और एफआईआर तक जाएगी कार्रवाई
नगर निगम ने अवैध रूप से बन रही कई इमारतों को चिन्हित कर लिया है। संबंधित भवन मालिकों को जल्द नोटिस जारी किए जाएंगे। नियमों का पालन न करने की स्थिति में न सिर्फ इमारतें ध्वस्त की जाएंगी बल्कि जिम्मेदार बिल्डरों और मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की भी तैयारी है।
निगम कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में
सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले में कुछ निगम कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। यदि जांच में उनकी संलिप्तता पाई जाती है तो विभागीय कार्रवाई भी तय मानी जा रही है।
शहर में किसी भी तरह का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। जरूरत पड़ी तो इमारतें तोड़ी जाएंगी और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। - जितेंद्र जोशी, जॉइंट कमिश्नर नगर निगम