फरीदाबाद। चार महीने पहले गाजीपुर स्थित नैन सिंह फार्म हाउस की फैक्टरी में ठेकेदार योगेश की हत्या में इस्तेमाल देशी पिस्तौल और दो कारतूस 10 हजार रुपये में खरीदे जाने की बात पुलिस जांच में सामने आई है। पुलिस के अनुसार हथियार उपलब्ध कराने वाले आरोपी राजू मंडल ने सह आरोपी मुन्ना कुमार को पिस्तौल और कारतूस दिए थे।
राजू मंडल की नियमित जमानत याचिका अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि आरोप गंभीर हैं और महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही अभी बाकी है। इसके चलते जमानत याचिका खारिज कर दी गई। 22 मई को फैक्टरी में ठेकेदार योगेश का शव चारपाई पर मिला था। उसके सिर के पीछे गंभीर चोट के निशान थे। फैक्टरी संचालक की शिकायत पर डबुआ थाना पुलिस ने हत्या समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस ने सह आरोपी मुन्ना कुमार को 24 मई को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में मुन्ना ने राजू मंडल और मनोज भगत की भूमिका बताई। इसके बाद दोनों को 30 मई को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का आरोप है कि राजू ने मुन्ना को 10 हजार रुपये में देशी पिस्तौल और दो कारतूस उपलब्ध कराए थे, जिनका इस्तेमाल वारदात में किया गया। संवाद