मेडिकल साक्ष्य, हथियार व बाइक की बरामदगी और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका के चलते नहीं मिली राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने इंस्टाग्राम के जरिए युवक को मिलने के लिए बुलाकर उस पर जानलेवा हमला और लूटपाट करने के मामले में आरोपी भरत सिंह उर्फ लव की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने नौ जुलाई को पारित आदेश में कहा कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर हैं।
उपलब्ध साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट और बरामदगी को देखते हुए इस स्तर पर जमानत देना उचित नहीं होगा, क्योंकि आरोपी के रिहा होने पर गवाहों को प्रभावित करने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका है। मामला बीपीटीपी थाना क्षेत्र में सात जनवरी को दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। चार जनवरी को घायल ईशान को सेक्टर-88 स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में बयान में ईशान ने बताया कि अक्तूबर 2025 में उसकी इंस्टाग्राम पर भूमि27 नाम की आईडी से बातचीत शुरू हुई थी। दिसंबर में दोबारा संपर्क होने पर उसे मिलने के लिए कहा गया। चार जनवरी को संदेश भेजकर शाम सात से नौ बजे के बीच मिलने के लिए बुलाया गया। ईशान बताए गए स्थान पर पहुंचा और अपनी लोकेशन भी साझा कर दी। वहां एक युवती दिखाई दी लेकिन कुछ ही देर में दो मोटरसाइकिलों पर सवार 6-7 युवक पहुंचे और उस पर सुए जैसे नुकीले हथियारों से हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावर उसकी सोने की चेन, ब्रेसलेट और 18 हजार रुपये लूटकर भाग गए।
अदालत ने आदेश में कहा कि मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार ईशान के शरीर पर छह चोटें थीं, जिनमें पेट पर लगी दो छेदन चोटों को बी.के. अस्पताल के मेडिकल बोर्ड ने जानलेवा घोषित किया है। अदालत ने यह भी माना कि आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त सुआ और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद हुई है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी।