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Faridabad News: फर्जी आईडी से अमेरिकन एक्सप्रेस बैंक के क्रेडिट कार्ड बनवाकर 50.94 लाख की ठगी

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पांच लोगों ने बनवाए 10 क्रेडिट कार्ड, अप्रैल 2023 से जनवरी 2024 के दौरान की खरीदारी
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बैंक के असिस्टेंट मैनेजर की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना सेंट्रल में एफआईआर दर्ज

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। अमेरिकन एक्सप्रेस बैंक के ऑनलाइन एप के जरिये पांच लोगों ने क्रेडिट कार्ड बनवाकर 50.94 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोप है कि सभी ने सेक्टर-88 की सोसाइटी के एक फ्लैट का पता दिया और फरीदाबाद की नामी कंपनी मैसर्स एस्कॉर्ट कुबोटा लिमिटेड के कर्मचारी के तौर पर फर्जी आईडी भी केवाईसी में लगाई। ठगी के रुपयों से आरोपियों ने जूलरी खरीदी और वाहनों में ईंधन भरवाया। आरोपियों ने पेमेंट नहीं की तो बैंक की ओर से जांच में फर्जीवाड़े का पता चला।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम थाना सेंट्रल में पांच आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इनके नाम मंजीत सिंह, अशोक कुमार, प्रदीप शर्मा, सौरव गुप्ता और रविंद्र कुमार बताए गए हैं। पुलिस टीम अब मामले में जांच कर रही है।
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अमेरिकन एक्सप्रेस बैंक के असिस्टेंट मैनेजर तुषार कांति मंडल ने ये शिकायत पुलिस को दी है। आरोप है कि अप्रैल 2023 से जनवरी 2024 के दौरान ये फर्जीवाड़ा हुआ। आरोप है कि इस अवधि के दौरान पांच लोगों मंजीत सिंह, अशोक कुमार, प्रदीप शर्मा, सौरव गुप्ता और रविंद्र कुमार ने बैंक के ऑनलाइन एप के जरिये क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन किया। ऑनलाइन ही केवाईसी के लिए दस्तावेज जमा कराए। इन पांच लोगों को बैंक की ओर से 10 क्रेडिट कार्ड जारी किए गए।
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शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इन 10 क्रेडिट कार्ड से अधिकतर ट्रांजेक्शन दिसंबर 2023 से जनवरी 2024 के दौरान जूलरी व ईंधन खरीद के लिए हुई। अचानक से कार्ड धारकों ने पेमेंट करना बंद कर दिया और उनके मोबाइल नंबर भी बंद हो गए तो बैंक को शक हुआ। जांच शुरू हुई तो पता चला सभी पांचों लोगों के आवेदन में सेक्टर-88 की अमोलिक हाईट्स सोसाइटी के एक फ्लैट का पता दिया गया था। बैंक की टीम इस फ्लैट पर पहुंची तो पता चला कि ये तो पहले किराये पर था और अब खाली है। साथ ही सभी ने खुद को मैसर्स एस्कॉर्ट कुबोटा कंपनी का कर्मचारी बताकर उसके आईडी कार्ड भी आवेदन में लगाए थे। जांच में ये आईकार्ड भी फर्जी पाए गए। बैंक का आरोप है कि सभी आरोपियों ने मिलकर 50,94,564 रुपये का फर्जीवाड़ा साजिश के तहत किया है। पुलिस ने अब एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।
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