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एक जैसे नाम के दो कैदी: पॉक्सो एक्ट में बंद था नितेश, नितिश नाम बताकर हुआ फरार; गिरफ्तार हुआ तो बताई कहानी

Sat, 31 May 2025 09:57 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, फरीदाबाद

सार

दिल्ली से सटे फरीदाबाद शहर में एक अनोखा मामला सामने आया है। जहां एक कैदी को बेल मिली तो दूसरे को छोड़ दिया गया है। पुलिस ने छोड़े गए कैदी को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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दूसरे कैदी के अदालत से जमानत आदेश पर नीमका जेल से रिहा होने वाले आरोपी नितेश पांडे को बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया है। अपराध शाखा सेंट्रल की टीम ने आरोपी को काबू किया है। आरोपी यहां से भागकर बिहार पटना में अपने गांव कल्याणपुरा चला गया था। उसे गांव से ही पकड़ा गया है।

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आरोपी से पूछताछ में पता चला कि लड़ाई-झगड़े के केस में जेल में बंद ओल्ड फरीदाबाद की शास्त्री कॉलोनी निवासी नितिश पुत्र रविंद्र की जमानत होने के बारे में इसे पता था। 26 मई को जब जमानत पाने वाले नितिश के नाम को जेल के स्टॉफ ने पुकारा तो वो वहां नहीं था। तब आरोपी ने अपना नाम नितिश व पिता का नाम रविंद्र बताया और झांसा देकर जेल से बाहर निकल गया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

बल्लभगढ़ सदर थाने में 28 मई को नीमका जेल की ओर से शिकायत दी गई। जिसमें कहा गया कि नितेश पांडे पुत्र रविंद्र पांडे निवासी कल्याणपुर जिला पटना बिहार वर्ष 2021 के एक पॉक्सो एक्ट के मामले में जेल में बंद था। एक अन्य बंदी नितिश पुत्र रविंद्र निवासी शास्त्री कॉलोनी ओल्ड फरीदाबाद भी एक लड़ाई-झगड़े के मामले में जेल में बंद था। 
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26 मई को नितिश की जमानत पर रिहाई के आदेश प्राप्त हुए। जिस पर नितेश पांडे ने अपने आप को नितिश बताया और जेल से जमानत पर रिहा हो गया। हवालाती बंदी नितेश पांडे को पता था कि उसके नाम के जमानत के कागजात नहीं है फिर भी उसने अपनी पहचान छिपाकर दूसरे बंदी नितिश के नाम पर अपनी रिहाई ले ली। बल्लभगढ़ सदर थाने में एफआईआर दर्ज कर अब आरोपी को बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया है।

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