बैंक खाता मुहैया कराने वाला जालसाज छह दिन के पुलिस रिमांड पर
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। साइबर थाना एनआईटी की टीम ने ट्रेडिंग में निवेश पर अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 91.50 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गुजरात के सूरत निवासी गोती हितेश भाई प्रवीन भाई के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे नौ जुलाई को सूरत से गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से छह दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
जांच में सामने आया कि आरोपी बैंक खाते मुहैया कराने वाले जालसाज की भूमिका निभा रहा था। उसने नुकुंज से पुरखा राम का बैंक खाता लेकर साइबर ठगों को मुहैया कराया था। यह प्रथम लेयर का खाता था, जिसमें ठगी की 30 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर हुई थी। पुलिस के अनुसार इस मामले में अब तक चार खाताधारकों और सात बैंक खाते मुहैया कराने वाले आरोपियों समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ कर साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ठगी की रकम के लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल के अनुसार एनआईटी निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि फेसबुक के माध्यम से उसकी एक व्यक्ति से पहचान हुई। आरोपियों के शेयर में निवेश पर अच्छा मुनाफा दिलाने के झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने अक्तूबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच विभिन्न बैंक खातों में 91.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद न तो उसे कोई लाभ मिला और न ही उसकी निवेश की गई राशि वापस मिली। शिकायत के आधार पर साइबर थाना एनआईटी में प्राथमिकी दर्ज कार्रवाई की गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।