हनीट्रैप के बाद दुष्कर्म केस में फंसाकर अवैध वसूली मामले में सेक्टर-16 चौकी की पुलिस टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान ग्रीन फिल्ड कॉलोनी निवासी मुकेश नरवत (40) के तौर पर हुई। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि आरोपी को 3 दिन के रिमांड पर लेकर टीम पूछताछ कर रही है।
आरोपी से शुरुआती पूछताछ में पता चला इसका सेक्टर-37 क्राउन मॉल में स्पा सेंटर है। इसने प्लान करके शिकायतकर्ता को फिल्म देखने के बहाने से बुलाया और अपने स्पा में काम करने वाली लड़की को भी थियेटर में बैठा दिया। ताकि युवती की लोकेशन भी शिकायतकर्ता धीरज के साथ आये।
फिर शिकायतकर्ता को कहा कि या तो वह 50 लाख रुपये दे नहीं तो वह उस युवती से दुष्कर्म का केस लगवा देगा। जब धीरज ने पैसे देने से मना कर दिया तो उसने स्पा में काम करने वाली युवती से झूठा दुष्कर्म केस दर्ज करा दिया। आरोपी मुकेश नरवत पर पहले भी जबरन वसूली का मामला दर्ज है।
सेक्टर-17 थाना में साजिश के तहत अवैध वसूली की धाराओं में ये एफआईआर 26 सितंबर 2024 को दर्ज हुई। धीरज ने मामले में बयान दिया कि उनके पुराने परिचित मुकेश नरवत ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर उनके खिलाफ 12 जुलाई 2023 को महिला थाना सेंट्रल में दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज करा दी।
26 जुलाई 2023 को गिरफ्तार करने के बाद धीरज को जेल भेज दिया गया। आरोप है कि थाना परिसर में मुकेश नरवत ने केस रफा-दफा कराने की ऐवज में 50 लाख रुपये मांगे थे। लेकिन धीरज के जेल जाने के बाद 30 जुलाई 2023 को 33 लाख रुपये लेकर 31 जुलाई 2023 को मुकेश नरवत ने दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज कराने वाली महिला से एफिडेविट साइन कराकर दे दिया था कि उसके साथ कुछ गलत नहीं हुआ।
हाईकोर्ट से 17 नवंबर 2023 को जमानत मिलने के बाद धीरज ने आरोपियों पर कार्रवाई का मन बनाया। एनजीओ एकम न्याय फाउंडेशन की निदेशक दीपिका नारायण भारद्वाज के साथ वे गृहमंत्री अनिल विज से मिले और मामले की शिकायत दी। जिस पर जांच के बाद मुकेश नरवत, मोंटी चंदीला व दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज कराने वाली युवती पर एफआईआर दर्ज की गई। केस की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई। मुकेश नरवत की अग्रिम जमानत याचिका जिला अदालत के साथ ही उच्च न्यायालय से भी खारिज हो गई थी। अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है।