अब अन्य गांवों में भी होगा प्रयोग, तहसीलों में अभियान चलाने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले में भूमि सीमांकन को लेकर आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल अब प्रशासन की प्राथमिकता बनता जा रहा है। पाखल गांव में रोवर तकनीक के माध्यम से सफलतापूर्वक किए गए डिमार्केशन कार्य को मॉडल मानते हुए जिला प्रशासन ने अब अन्य गांवों में भी इसी तकनीक को लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त संजय जून की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में इस तकनीक की मदद से तहसीलों में अभियान चलाने के निर्देश दिए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में फरीदाबाद सहित मंडल के सभी जिलों में लंबित म्यूटेशन (इंतकाल) और डिमार्केशन मामलों की समीक्षा की गई। फरीदाबाद से उपायुक्त आयुष सिन्हा ने जिले में राजस्व मामलों के निस्तारण और तकनीक आधारित सुधारों की जानकारी साझा की।
उपायुक्त आयुष सिन्हा ने कहा कि पाखल गांव में रोवर तकनीक के जरिये किया गया डिमार्केशन अधिक सटीक, पारदर्शी और विवाद रहित साबित हुआ है। आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से सीमांकन कार्य में मानवीय त्रुटियों की संभावना कम हुई है और जमीन संबंधी विवादों के समाधान में तेजी आई है।
तहसीलों में होगी रोजाना मॉनिटरिंग
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद उपायुक्त आयुष सिन्हा ने जिले के सभी तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के साथ अलग से समीक्षा बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि लंबित मामलों की डेट-वाइज एजिंग रिपोर्ट तैयार की जाए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि कौन-सा मामला कितने समय से लंबित है और देरी के कारण क्या हैं। डीसी ने पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने और प्रत्येक दिन की प्रगति रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को भेजने के निर्देश भी दिए।