क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर बन डिजिटल अरेस्ट करके की गई थी ठगी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सेक्टर-17 निवासी एक व्यक्ति से क्राइम ब्रांच के इंस्पैक्टर बनकर डिजिटल अरेस्ट कर 95 लाख की ठगी करने के मामले में खाताधारक को साइबर थाना सेंट्रल पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
सेक्टर-17 निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना सेंट्रल में शिकायत दी कि 3 जनवरी को उसके पास कॉल आया उसका खाता मनी लांडरिंग के लिए प्रयोग किया गया है। कॉल को कथित क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर के पास ट्रांस्फर किया गया। जिसने शिकायतकर्ता को अरेस्ट वारंट दिखा कर 10 दिन तक डिजिटल अरेस्ट किया गया और इस दौरान शिकायतकर्ता की सारी निजी और सभी खातों की जानकारी ली गई। ठगों ने केस की गोपनियता भंग होने पर शिकायतकर्ता के परिवार को खतरा होने की बात कही। जिसके बाद ठगों ने केस से नाम निकालने के लिए उसके 95 लाख रुपये विभिन्न खातो में ट्रांसफर करवा लिये। शिकायत पर साइबर थाना सेंट्रल ने मामला दर्ज कर कार्रवाई की।
साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अबिन निवासी इड्डुकी, केरल को इड्डुकी से गिरफ्तार किया गया है। खाता में ठगी के 26 लाख रुपये आये थे। उसने अपना खाता आगे ठगों को दिया था। पूछताछ के बाद आरोपी को माननीय अदालत में पेश कर जेल भेजा गया।
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टेलिग्राम टास्क के जरिये पैसे कमाने का लालच दे, ठगी के मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सेक्टर-17 निवासी एक व्यक्ति से टेलीग्राम टास्क के जरिए पैसे कमाने का लालच देकर एक लाख रुपये ठगने के मामले में साइबर थाना सेंट्रल पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
साइबर थाना सेंट्रल में सेक्टर-17 निवासी व्यक्ति ने बताया कि टेलिग्राम के माध्यम से उसका संपर्क कुछ लोगों से हुआ। उन्होंने टास्क पूरा कर पैसे कमाने के बारे में बतलाया। लालच में आकर ठगों के खाता में विभिन्न ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 1,04,020 रुपये उन्होंने भेज दिए। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने साइबर थाना सेंट्रल में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी विकास निवासी गांव विष्णु व रामप्रकाश निवासी गांव कानावासिया जिला जोधपुर राजस्थान को जोधपुर से गिरफ्तार किया है।
विकास खाताधारक है और जोधपुर में गाड़ी चलाने का काम करता है। रामप्रकाश दारू के ठेके पर सेल्समेन का काम करता है। आरोपी विकास से मोबाइल व खाते में प्रयोग की गई सिम बरामद की गई है। उसे पूछताछ के बाद जेल भेजा दिया गया। वहीं रामप्रकाश को 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।