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Faridabad News: मुजेड़ी में 22 करोड़ रुपये के गबन के मामले में एसीबी ने मांगी रिपोर्ट

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तत्कालीन मुख्यमंत्री के आदेश पर दर्ज की गई थी प्राथमिकी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। ग्राम पंचायत मुजेड़ी में विकास कार्य किए बिना 22 करोड़ रुपये हड़पने के मामले में स्टेट्स रिपोर्ट मांगी गई है। यह रिपोर्ट भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के डीएसपी ने मांगी है। शिकायतकर्ता पक्ष जांच में ढिलाई का आरोप लगाते हुए दो दिन पहले डीएसपी से मिले थे।


वर्ष 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल के आदेश पर मुजेड़ी ग्राम पंचायत में 22 करोड़ गबन किए जाने की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शिकायत में बताया था कि कुछ साजिशकर्ताओं ने पहले तो महिला सरंपच रानी को झूठे केस में फंसाकर निलंबित कराया था। उसके बाद सुनियोजित तरीके से पंच बिरमपाल को कार्यवाहक सरंपच बनवाया गया। उस वक्त गांव में कुल 13 पंच थे। इसके बाद वर्ष 2020 में तत्कालीन बीडीपीओ, ग्राम सचिव और कार्यवाहक सरपंच ने पंचायत के खाते से 22 करोड़ रुपये निकालकर अलग अलग ठेकेदार फर्मों के खाते में ट्रांसफर कर दिए थे। बीडीपीओ ने काफी रकम अपने सगे भाई ललित मोहन, भाभी तनुजा की फर्म को भी ट्रांसफर कराई। इस बारे में जब पंचों को पता चली तो 12 पंचों ने हस्ताक्षर करके तत्कालीन सीएम से शिकायत की थी।
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डीएसपी को सौंपी रिपोर्ट में कहा गया है कि मुजेड़ी की तत्कालीन खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) पूजा शर्मा, उसका सगा भाई ललित मोहना शर्मा और भाभी तनुजा, ठेकेदार हीरालाल, नंदकिशोर और मनोज गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पूजा-तनुजा हाइकोर्ट से जमानत पर हैं।
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नीमका जेल में बंद ठेकेदार मनोज ने जिला अदालत में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम कुमार के समक्ष जमानत याचिका दायर की थी, जो शुक्रवार को खारिज हो गई है। अभी तक की जांच में गबन करने वालों के 16 नाम सामने आए हैं। इस केस का मुख्य सूत्रधार ग्राम पंचायत का तत्कालीन कार्यवाहक सरपंच बिरमपाल बताया जा रहा है, जो फरार है।
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