पलवल निवासी महिला दीपिका की ओर से दायर की गई थी अग्रिम जमानत याचिका
सभी पक्षों को सुनकर अदालत ने याचिका खारिज की
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। 42 लोगों के नाम पर फर्जी लोन लेकर 7.06 करोड़ रुपये के गबन मामले में महिला दीपिका को अदालत से राहत नहीं मिली। पलवल निवासी महिला के अधिवक्ता की ओर से अग्रिम जमानत याचिका दायर कर दलील दी गई कि इसे केस में गलत फंसाया गया है। इस पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं है। महिला जांच में शामिल हो चुकी है और अब इसकी कस्टडी में पूछताछ जरूरी नहीं है।
वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से याचिका का विरोध करते हुए दलील दी गई कि आरोपी महिला ने लखनपाल के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा किया है। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर बैंक कर्मियों के साथ मिलकर लोगों के नाम पर लोन जारी करा लिए। सह-आरोपी लखन पाल से पूछताछ में महिला का नाम सामने आया। महिला ने फर्जी दस्तावेज तैयार किए और इससे वो उपकरण बरामद करने बाकी हैं। दोनों पक्षों को सुनकर जिला अदालत ने महिला की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
पुलिस को शिकायत देकर ये एफआईआर एसबीआई ब्रांच मैनेजर प्रवीन ने दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया कि 42 लोगों ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर बैंक से लोन लिया। बाद में ये लोन चुकाया नहीं गया। ऐसा कर बैंक से 70641900 रुपये का गबन किया गया। जांच में पुलिस ने पाया कि लखनपाल और महिला दीपिका मिलकर ये फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। ये लोग फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों के नाम पर लोन जारी करा रहे हैं। कंप्यूटर व लैपटॉप का प्रयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने का दोनों पर आरोप है। पुलिस ने 23 जुलाई 2025 को महिला को शामिल जांच कर पूछताछ की। आरोप है कि महिला ने उनके बैंक खाते में जमा हुए रुपयों को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं दिए। दोनों पक्षों को सुनकर जिला अदालत ने महिला की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।