कार्य को चार महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। हरियाणा पंचायत एवं विकास विभाग ने फरीदाबाद जिले के मांगर गांव में स्वागत द्वार के निर्माण की योजना को मंजूरी दी है। कार्य को चार महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
अरावली की गोद में बसा गांव मांगर अपनी हरियाली और पर्यावरणीय महत्व के लिए जाना जाता है। यह अरावली की पहाड़ियों में बसे उन चुनिंदा गांवों में से है, जो जैव विविधता और पर्यटन दोनों की दृष्टि से अहम हैं। ग्रामीण लंबे समय से यहां एक पहचान चिह्न की मांग कर रहे थे ताकि आने-जाने वाले लोगों को गांव की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान मिल सके।
स्वागत द्वार बनने से स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि गांव में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और यहां आने वाले पर्यटक मांगर की पारंपरिक संस्कृति और प्राकृतिक धरोहर से और बेहतर तरीके से जुड़ पाएंगे। यह पहल न केवल सौंदर्यीकरण के लिहाज से महत्वपूर्ण है बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी खोल सकती है।
ग्रामीणों का कहना है कि मांगर को लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं और विकास की दरकार है। स्वागत द्वार का निर्माण भले ही एक छोटा कदम लगे, लेकिन यह गांव की पहचान और गौरव को मजबूत करने में मदद करेगा। साथ ही यह स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार और छोटे कारोबार के अवसर उपलब्ध कराने में सहायक हो सकता है।
जानकारों का कहना है कि यह परियोजना ग्रामीण विकास, पर्यटन और स्थानीय रोजगार को जोड़ने वाला प्रयास है। मांगर गांव हरियाणा-दिल्ली सीमा पर बसा है, जहां बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं। ऐसे में स्वागत द्वार न केवल सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक बनेगा, बल्कि प्रशासन के लिए भी एक संदेश होगा कि छोटे गांवों की पहचान को भी महत्व दिया जा रहा है।