दोनों डिपो बंद मिलने पर खाद्य एवं पूर्ति विभाग की टीमों ने ताला तोड़कर की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। दयाल नगर और बाबा नगर स्थित सरकारी राशन डिपो की जांच में ऑनलाइन रिकॉर्ड और मौके पर उपलब्ध राशन के स्टॉक में बड़ा अंतर मिला। दोनों डिपो बंद मिलने पर खाद्य एवं पूर्ति विभाग की टीमों ने ताला तोड़कर जांच की।
दयाल नगर के डिपो में रिकॉर्ड के मुकाबले 365.51 क्विंटल गेहूं और 1975 लीटर सरसों का तेल कम मिला, जबकि 17.87 क्विंटल चीनी और 1.70 क्विंटल बाजरा भी मौके पर नहीं मिला। वहीं बाबा नगर के डिपो में 285 कट्टे गेहूं, 4.69 क्विंटल चीनी और 103 लीटर सरसों का तेल कम मिला। दोनों डिपो धारकों के खिलाफ अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। सात अगस्त को खाद्य एवं पूर्ति विभाग की टीम ने दयाल नगर स्थित डिपो धारक अमित के डिपो की जांच की। डिपो के रिकॉर्ड के अनुसार वहां 611.01 क्विंटल गेहूं, 17.87 क्विंटल चीनी, 2035 लीटर सरसों तेल और 1.70 क्विंटल बाजरा होना चाहिए था। मौके पर 491 कट्टे गेहूं मिले, जिनका वजन 245.50 क्विंटल था। सरसों तेल केवल 60 लीटर मिला। चीनी और बाजरा भी मौके पर नहीं मिला। डिपो धारक अमित जांच के दौरान मौजूद नहीं था।
वहीं दूसरे मामले में बाबा नगर के डिपो धारक अंकुश का डिपो भी 7 अगस्त को जांच के दौरान बंद मिला। रिकॉर्ड के अनुसार वहां 1227.98 क्विंटल गेहूं, 8.30 क्विंटल चीनी और 1690 लीटर सरसों तेल होना चाहिए था। मौके पर 1085.5 क्विंटल गेहूं, 3.61 क्विंटल चीनी और 1587 लीटर तेल मिला। विभाग ने 285 कट्टे गेहूं, 4.69 क्विंटल चीनी और 103 लीटर तेल कम पाया। दोनों मामलों में विभाग ने स्टॉक में अंतर को आवश्यक वस्तु अधिनियम का उल्लंघन बताया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि दयालनगर के मामले में सूरजकुंड थाना और बाबा नगर के मामले में ओल्ड फरीदाबाद थाना ने 8 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।