मॉडल बाल वाटिका के लिए जिले से चार स्कूलों के नाम भेजे, खेल-खेल में सीखने पर दिया जाएगा जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सरकारी स्कूलों में शुरुआती कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए बाल वाटिका को नए तरीके से विकसित करने की तैयारी है। अब बाल वाटिका को केवल एक कमरे तक सीमित रखने के बजाय बच्चों के लिए सीखने और खेलने का केंद्र बनाने पर जोर दिया जाएगा।
इसके लिए फरीदाबाद से चार सरकारी विद्यालयों के नाम भेजे गए हैं। इनमें प्राथमिक विद्यालय भतौला, मिल्हाड़, मेवला महाराजपुर और सेक्टर-55 विद्यालय शामिल हैं। इनमें से एक विद्यालय में मॉडल बाल वाटिका विकसित की जाएगी। मॉडल बाल वाटिका में बच्चों की उम्र और सीखने के स्तर को ध्यान में रखकर सुविधाएं तैयार की जाएंगी। कमरे की दीवारों पर केवल रंग नहीं किया जाएगा, बल्कि अक्षर, अंक, आकृतियां, कहानियां और चित्र आधारित शैक्षणिक सामग्री लगाई जाएगी। इससे बच्चों को आसपास की चीजों से सीखने का अवसर मिलेगा। बाल वाटिका के साथ स्कूल परिसर में भी बच्चों के अनुकूल माहौल तैयार करने की योजना है। इसके तहत पार्क, झूले और खेल गतिविधियों के लिए स्थान विकसित किया जा सकता है। बच्चों को कक्षा के बाहर भी गतिविधियों के जरिए सीखने का मौका मिलेगा। खेल और पढ़ाई को जोड़कर शुरुआती शिक्षा को आसान बनाने का प्रयास किया जाएगा।
दूसरे स्कूलों को भी मिलेगा मॉडल
मॉडल बाल वाटिका तैयार होने के बाद यहां की व्यवस्थाओं और गतिविधियों को दूसरे सरकारी स्कूलों के साथ साझा किया जाएगा। इससे अन्य विद्यालयों को भी कम उम्र के बच्चों के लिए कक्षा और परिसर को बेहतर बनाने का तरीका मिल सकेगा। इस पहल का उद्देश्य केवल एक स्कूल को आकर्षक बनाना नहीं, बल्कि जिले में बाल वाटिका के लिए एक ऐसा प्रारूप तैयार करना है, जिसे अन्य स्कूलों में भी अपनाया जा सके।
वर्जन
मॉडल बाल वाटिका के लिए एडीसी को विद्यालयों की सूची भेजी गई है। नाम पर मुहर लगते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। -मनमोहन, जिला समन्वयक, निपुण मिशन