जाम से राहत देने को रातों-रात बनी सड़क, फरीदाबाद गुरुग्राम कनेक्टिविटी होगी बेहतर
- पानी के कनेक्शन काटने पहुंची टीम का विरोध, चार को पकड़ा
- नई स्लिप रोड खुलने से गुरुग्राम जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। एनआईटी-3 चौक और नेहरू कॉलोनी में अवैध निर्माण एवं धार्मिक स्थलों को हटाने की कार्रवाई के बाद प्रशासन ने एक ओर जहां रातों-रात नई स्लिप रोड बनाकर यातायात को बड़ी राहत दी है वहीं दूसरी ओर कार्रवाई के असर से क्षेत्र में तनाव और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। सोमवार को पानी के कनेक्शन काटने पहुंची नगर निगम टीम का स्थानीय लोगों ने विरोध किया जिसके बाद करीब एक घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही। पुलिस ने हस्तक्षेप कर चार लोगों पकड़ा और हालात को नियंत्रित किया।
एनआईटी-3 चौक पर शनिवार तड़के हुई कार्रवाई के बाद प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए मलबा हटाने और सड़क निर्माण का काम शुरू कर दिया था। स्थानीय लोगों के अनुसार मलबा हटने के करीब 12 घंटे के भीतर ही एफएमडीए ने नई स्लिप रोड तैयार कर दी। सोमवार सुबह से इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही भी शुरू हो गई।
गुरुग्राम जाने वाले यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा
नई स्लिप रोड बनने से डबुआ, प्याली चौक, सैनिक कॉलोनी, पर्वतीय कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर रोजाना नौकरी और कारोबार के लिए गुरुग्राम जाने वाले सैकड़ों लोगों को अब एनआईटी-3 चौक पर लगने वाले जाम से काफी हद तक छुटकारा मिल सकेगा।
यह चौराहा लंबे समय से शहर के सबसे व्यस्त यातायात बिंदुओं में शामिल रहा है। सुबह और शाम के समय यहां वाहनों की लंबी कतारें लग जाती थीं। नई सड़क के शुरू होने से ट्रैफिक का दबाव विभाजित होगा और मुख्य चौक पर वाहनों की भीड़ कम होगी।
पानी के कनेक्शन काटने पर भड़के लोग
सोमवार दोपहर करीब 12 बजे नगर निगम की टीम नेहरू कॉलोनी पहुंची। टीम उन स्थानों पर पानी के कनेक्शन काटने की कार्रवाई कर रही थी जहां अवैध कब्जों और निर्माणों को लेकर प्रशासन पहले ही कार्रवाई कर चुका था। जैसे ही कर्मचारियों ने कनेक्शन काटने शुरू किए स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
देखते ही देखते कई लोग सड़क पर उतर आए और कार्रवाई रोकने की मांग करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख अधिकारियों ने पुलिस को बुलाया। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन विरोध जारी रहा। करीब एक घंटे बाद हालात सामान्य हुए और पुलिस ने चार लोगों को पकड़ लिया।
तीसरे दिन भी नहीं टूटा डर का माहौल
कार्रवाई के तीसरे दिन भी नेहरू कॉलोनी में भय और अनिश्चितता का माहौल बना रहा। कई परिवार अपने घरों से सामान निकालकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों में भरते दिखाई दिए। कुछ लोग किराये के मकान तलाशते नजर आए जबकि कई परिवार रिश्तेदारों के यहां अस्थायी रूप से रहने की तैयारी करते दिखे।
संवेदनशील इलाकों में लगातार पुलिस निगरानी
जिन स्थानों पर हाल ही में धार्मिक स्थल और अन्य निर्माण हटाए गए थे वहां पुलिस की तैनाती लगातार जारी है। प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए चौबीस घंटे निगरानी रख रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त भी की जा रही है।
सरकारी जमीन पर दोबारा कब्जा रोकने की तैयारी
सूत्रों के अनुसार जिस भूमि पर स्लिप रोड बनाई गई है वह सरकारी रिकॉर्ड में पुनर्वास विभाग के नाम दर्ज है। विभाग द्वारा पहले सर्वे और नोटिस की प्रक्रिया पूरी की गई थी। अधिकारियों का कहना है कि सड़क निर्माण का उद्देश्य केवल यातायात व्यवस्था सुधारना ही नहीं बल्कि खाली कराई गई सरकारी भूमि को दोबारा अतिक्रमण से बचाना भी है।
अधिकारियों का दावा है कि नई सड़क से क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगी। हालांकि दूसरी ओर प्रभावित परिवारों के बीच भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है। ऐसे में विकास कार्य और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच संतुलन बनाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।