न्यूजीलैंड में रह रहे युवक की अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट ने की खारिज
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। दहेज उत्पीड़न और एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामले में न्यूजीलैंड में रह रहे पति को अदालत से राहत नहीं मिली है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने आरोपी अंकित कौशल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। आरोपी ने अपने पिता अरुण कौशल को विशेष पावर ऑफ अटॉर्नी धारक बनाकर अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी की ओर से विशेष पावर ऑफ अटॉर्नी धारक के माध्यम से अग्रिम जमानत याचिका दाखिल नहीं की जा सकती।
आरोपी अंकित कौशल के खिलाफ महिला थाना एनआईटी फरीदाबाद में 30 जुलाई 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता नेहा रानी ने आरोप लगाया था कि उसकी शादी एक फरवरी 2017 को अंकित कौशल के साथ हुई थी। शादी में उसके पिता ने अपनी क्षमता से अधिक खर्च करते हुए करीब 16.50 लाख रुपये खर्च किए थे। शिकायत के अनुसार, शादी के बाद पति न्यूजीलैंड चला गया। इसके बाद ससुराल पक्ष की ओर से दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उससे कार की मांग की गई और विरोध करने पर मारपीट की गई। जातिसूचक शब्द कहने के आरोप भी लगाए गए हैं। अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष ने खुद को झूठा फंसाए जाने का दावा किया। बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपी का हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी नहीं है और वह जांच में शामिल होने को तैयार है। वहीं, सरकारी वकील और शिकायतकर्ता के अधिवक्ता ने याचिका का विरोध करते हुए इसे प्रक्रिया के आधार पर भी गैर-मान्य बताया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।