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Faridabad News: मिर्जापुर में 36 करोड़ की लागत से बनेगा हाईटेक एसटीपी

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- 20 एमएलडी क्षमता का प्लांट रोजाना दो करोड़ लीटर गंदे पानी को करेगा साफ
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- शहर में 225.5 एमएलडी टर्शियरी ट्रीटमेंट योजना भी अंतिम चरण में



मोहित शुक्ला



फरीदाबाद। मिर्जापुर क्षेत्र में 20 एमएलडी क्षमता वाला अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाया जाएगा। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने इसकी प्रक्रिया पूरी कर ली है। प्राधिकरण का कहना है कि इसी महीने निर्माण शुरू हो जाएगा। इस पर करीब 36 करोड़ रुपये खर्च होंगे।



फरीदाबाद में इस वक्त 280 से 300 एमएलडी सीवेज होता है। उपलब्ध एसटीपी की क्षमता करीब 220-230 एमएलडी है। ऐसे में मिर्जापुर में बनने वाला नया प्लांट इस गैप को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा।
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नया एसटीपी प्रतिदिन करीब 2 करोड़ लीटर गंदे पानी को साफ करेगा। वर्तमान में शहर के कई नालों का पानी बिना पर्याप्त ट्रीटमेंट के यमुना में गिरता है जिससे नदी का प्रदूषण बढ़ रहा है। नए प्लांट के शुरू होने से यमुना में जाने वाले प्रदूषित पानी में कम से कम 8-10 प्रतिशत तक की कमी आएगी।



टर्शियरी ट्रीटमेंट से वेस्ट वाटर बनेगा रिसोर्स



इस परियोजना की सबसे खास बात इसमें इस्तेमाल होने वाली टर्शियरी ट्रीटमेंट तकनीक है। तीन चरणों में होने वाली सफाई प्रक्रिया के बाद पानी इतना शुद्ध हो जाएगा कि उसका इस्तेमाल औद्योगिक इकाइयों, पार्कों की सिंचाई और कंस्ट्रक्शन गतिविधियों में किया जा सकेगा। इससे भूजल पर निर्भरता घटेगी और शहर में पानी की कमी की समस्या को भी आंशिक राहत मिलेगी।



शहर के लिए बड़ी योजना भी तैयार, 225.5 एमएलडी टर्शियरी ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट



फरीदाबाद में कुल 225.5 एमएलडी क्षमता के नए टर्शियरी ट्रीटमेंट प्लांट (टीटीपी) लगाए जाएंगे। नई योजना के तहत प्रतापगढ़, मिर्जापुर और बदरपुर सैद क्षेत्रों में अत्याधुनिक फिल्टरेशन यूनिट्स स्थापित होंगी। इन यूनिट्स में पानी को इस स्तर तक शुद्ध किया जाएगा कि उसे सिंचाई और उद्योगों में दोबारा इस्तेमाल किया जा सके। इस मेगा प्रोजेक्ट पर 100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश संभावित है। इससे यमुना के प्रदूषण में कमी आने के साथ भूजल स्तर को सुधारने में भी मदद मिलेगी। प्रशासन का लक्ष्य अगले 15 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शहर के सीवरेज सिस्टम को मजबूत करना और कवरेज को 80 प्रतिशत तक पहुंचाना है।
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पुराने प्लांट पर दबाव होगा कम, जलभराव की समस्या में राहत



शहर के मौजूदा एसटीपी कई जगह अपनी क्षमता से अधिक लोड झेल रहे हैं जिसके चलते ओवरफ्लो और सीवर बैकफ्लो जैसी समस्याएं सामने आती हैं। मिर्जापुर प्लांट शुरू होने के बाद इन पुराने प्लांटों पर दबाव कम होगा, जिससे सीवर जाम, बदबू और जलभराव की शिकायतों में गिरावट आने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट में निर्माण करने वाली एजेंसी को ही 10 साल तक संचालन और रखरखाव (ओ एंड एम) की जिम्मेदारी दी गई है जिससे प्लांट की कार्यक्षमता लंबे समय तक बनी रहेगी। प्लांट में पीएलसी और स्काडा आधारित डिजिटल सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी और किसी भी तकनीकी खराबी पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। प्रोजेक्ट का काम पूरा होने के बाद आम लोगों को सीवर ओवरफ्लो और बदबू की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी। अभी फरीदाबाद में बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। वहीं फरीदाबाद में मौजूद पार्कों व उद्योगों के लिए वैकल्पिक पानी की व्यवस्था भी होगी।






मिर्जापुर में एसटीपी का काम जल्द शुरू कर दिया जाएगा। इससे कई स्तर पर लाभ मिलेगा।

-विशाल बंसल, चीफ इंजीनियर एफएमडीए
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