देश-विदेश से आने वाले पर्यटक मिस्र की परंपरा, कला और सभ्यता को करीब से जान सकेंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में इस वर्ष दर्शकों को मिस्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की खास झलक देखने को मिलेगी। मेले में मिस्र के प्रसिद्ध पिरामिड का दीदार कर सकेंगे। इसके माध्यम से देश-विदेश से आने वाले पर्यटक मिस्र की परंपरा, कला और सभ्यता को करीब से जान सकेंगे।
इस वर्ष मिस्र को सूरजकुंड मेले का कंट्री पार्टनर बनाया गया है। मिस्र की ओर से पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, संगीत और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। पिरामिड की झलक के साथ-साथ वहां की लोककला और ऐतिहासिक विरासत को भी प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को मिस्र की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।
आयोजकों के अनुसार, 31 जनवरी से 15 फरवरी तक चलने वाले इस मेले में देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ कई विदेशी कलाकार और कारीगर भी भाग लेंगे। सूरजकुंड मेला हर साल अपनी थीम और सांस्कृतिक विविधता के कारण लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है। इस बार मिस्र के कंट्री पार्टनर बनने से मेले का अंतरराष्ट्रीय स्वरूप और अधिक मजबूत होगा। पर्यटक न केवल पिरामिड की झलक का लुत्फ उठा सकेंगे, बल्कि मिस्र की पारंपरिक कला और संस्कृति को भी नजदीक से देखने और समझने का अवसर पाएंगे। आयोजकों को उम्मीद है कि इस बार का सूरजकुंड मेला दर्शकों के लिए यादगार अनुभव साबित होगा।