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Faridabad News: कोल्ड ड्रिंक कारोबारी से 50 करोड़ का लोन दिलाने के नाम पर 1.18 करोड़ की ठगी

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कर्नाटक में जाली नोट और फर्जी स्टाम्प पेपर छापने के धंधे में शामिल आरोपियों ने दिया वारदात को अंजाम
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। कोल्ड ड्रिंक के थोक व्यापारी से व्यवसाय विस्तार के लिए पचास करोड़ रुपये का ऋण दिलाने के नाम पर एक 1.18 करोड़ ठगने के मामले में खेड़ीपुल थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। यह धोखाधड़ी निजी वित्तीय संस्था का प्रतिनिधि बनकर और फर्जी दस्तावेज तैयार करके की गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आगामी जांच आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) सेंट्रल फरीदाबाद को सौंप दी है।

फरीदाबाद के सेक्टर-85 स्थित बीपीटीपी पार्क लैंड्स निवासी भूपेंदर चौधरी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह फरीदाबाद, गुरुग्राम और आगरा में एक कंपनी की कोल्ड ड्रिंक की डीलरशिप चलाते हैं। वह अपने व्यवसाय को बढ़ाना चाहते थे और इसके लिए उन्हें लगभग 50 करोड़ रुपये की आवश्यकता थी। बैंक से ऋण की सीमा समाप्त होने के कारण उन्होंने निजी निवेशकों की तलाश शुरू की। इंटरनेट के माध्यम से वह मुंबई की सिक्का फाइनेंशियल सर्विसेज के संपर्क में आए। इसके संचालक राज कुमार ने उन्हें मुंबई निवासी ललित चव्हाण उर्फ कुणाल पाटिल से बातचीत करने को कहा।
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कुणाल पाटिल ने उन्हें बताया कि कर्नाटक के चित्र दुर्ग के कुछ लोग इस ऋण की व्यवस्था करेंगे और उन्हें बैठक के लिए चित्र दुर्ग बुलाया। भूपेंदर चौधरी 12 जनवरी को चित्र दुर्ग पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात चंद्रशेखर उर्फ श्रीनिवास रेड्डी, जॉन, डैनियल उर्फ रोशन सल्दान्हा और कुणाल पाटिल से हुई। आरोपियों ने उनसे व्यवसाय के बैंक खाते का विवरण, आयकर रिटर्न, जीएसटी पंजीकरण और ऑडिट रिपोर्ट मांगी। इसके बाद आरोपियों ने अधिवक्ता आरके नायक के माध्यम से ऋण स्वीकृत होने की बात कही।

ऋण प्रक्रिया और स्टांप पेपर खरीदने के नाम पर आरोपियों ने पीड़ित से एक बैंक खाते में एक करोड़ रुपये स्थानांतरित करवा लिए। यह राशि दो फरवरी को गुरुग्राम स्थित एक बैंक शाखा से आरटीजीएस के माध्यम से भेजी गई थी। इसके बाद छह फरवरी को आरोपियों ने पीड़ित से आधार कार्ड, पांच खाली हस्ताक्षरित चेक, पहचान पत्र, पासपोर्ट और खाली हस्ताक्षरित कागजात ले लिए। उसी दिन आरोपियों ने दस वर्ष के बीमा प्रीमियम के नाम पर करीब 18 लाख रुपये मुंबई के एक बैंक खाते में डलवा लिए। पैसे जमा होने के बाद भी जब ऋण राशि खाते में नहीं आई, तो पीड़ित ने आरोपियों से संपर्क किया। आरोपियों ने उन्हें पचास करोड़ रुपये नकद देने की पेशकश की, जिसे पीड़ित ने संदिग्ध मानकर अस्वीकार कर दिया और केवल बैंक माध्यम से ही राशि लेने की बात कही। बैंक में पैसे नहीं आने पर उसकी मांग करने पर छह अप्रैल को डैनियल उर्फ रोशन ने फोन पर पीड़ित को धमकी दी कि यदि दोबारा फोन किया या पैसे वापस मांगे, तो वह उन्हें और उनके परिवार को जान से मार देगा। आरोपी ने खुद को अंडरवर्ल्ड माफिया और राजनेताओं से जुड़ा हुआ बताया।
जाली नोट और स्टाम्प पेपर छापने के मामले में हैं आरोपी
पीड़ित भूपेंद्र चौधरी जब अपने पैसे वापस मांगने कर्नाटक के चित्र दुर्ग पहुंचे, तो उन्हें वहां के स्थानीय निवासियों से चौंकाने वाली जानकारी मिली। पता चला कि जिन आरोपियों चंद्रशेखर उर्फ श्रीनिवास रेड्डी और डैनियल उर्फ रोशन साल्डान्हा ने उन्हें लोन का झांसा दिया था, उन्हें कर्नाटक पुलिस ने वारदात से कुछ दिन पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरोह अवैध रूप से जाली नोट और फर्जी स्टाम्प पेपर छापने के धंधे में शामिल था। आरोपियों के पास से नकली मुद्रा और सरकारी स्टाम्प पेपर बरामद हुए थे। पीड़ित को आशंका है कि अगर वह लोन की राशि नकद लेने को तैयार हो जाते, तो आरोपी उन्हें नकली नोट थमाकर फरार हो जाते।
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पीड़ित ने इसकी शिकायत फरीदाबाद पुलिस को दी। शिकायत डाक के माध्यम से आठ मई को खेड़ीपुल थाने में प्राप्त हुई, जिसके बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। उपनिरीक्षक पवन तोमर को इस मामले की जांच सौंपी गई है और अग्रिम कार्रवाई के लिए फाइल आर्थिक अपराध शाखा को भेज दी गई है।
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