नगर निगम ने एफएमडीए को सौंपी जमीन, तीन लाख से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ
हस्तांतरण के बाद तेज हुई तैयारी, एनआईटी समेत कई इलाके के लोगों को मिलेगी राहत
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। शहर में लंबे समय से बने पेयजल संकट को दूर करने की दिशा में अब ठोस पहल नजर आने लगी है। नगर निगम ने गांव गाजीपुर में स्थित 5 एकड़ जमीन फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) को हस्तांतरित कर दी है। इस जमीन पर बनने वाले बूस्टिंग स्टेशन से पानी की आपूर्ति सुधरने के साथ लाखों लोगों को लंबे समय से चली आ रही किल्लत से राहत मिलने की उम्मीद है।
नगर निगम आयुक्त धीरेद्र खड़गटा ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए विभागीय स्तर पर लंबित प्रक्रिया को प्राथमिकता में रखा और सदन से मंजूरी के बाद जमीन हस्तांतरण की औपचारिकताएं तेजी से पूरी कराईं। इसके बाद अब परियोजना के क्रियान्वयन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। गाजीपुर में प्रस्तावित इस बूस्टिंग स्टेशन से अनुमानित तौर पर एनआईटी क्षेत्र के करीब 3 लाख लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। इसमें घनी आबादी वाले कई वार्ड और कॉलोनियां शामिल हैं जहां पानी की समस्या सबसे ज्यादा गंभीर बनी हुई है।
इन इलाकों को मिलेगा फायदा
इस परियोजना का लाभ एनआईटी-1, एनआईटी-2, एनआईटी-3, एनआईटी-5, डबुआ कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी, पर्वतीय कॉलोनी, संजय कॉलोनी, खान मोहल्ला, फतेहपुर चंदीला और आसपास के कई रिहायशी इलाकों को मिलेगा। इसके अलावा गाजीपुर गांव और उससे सटे क्षेत्रों में भी पानी की आपूर्ति में सुधार होगा। इन इलाकों में लंबे समय से पानी कम दबाव में पहुंचने या अनियमित आपूर्ति की शिकायतें सामने आती रही हैं। खासतौर पर टेल-एंड (अंतिम छोर) पर बसे घरों में स्थिति सबसे ज्यादा खराब रहती है जहां कई बार नलों में पानी ही नहीं आता।
अभी ठीक नहीं है स्थिति
वर्तमान में एनआईटी क्षेत्र के कई हिस्सों में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह संतुलित नहीं है। रेनीवेल सिस्टम से पानी आने के बावजूद दबाव की कमी के कारण यह सभी क्षेत्रों तक समान रूप से नहीं पहुंच पाता।
गर्मियों के दौरान हालात और बिगड़ जाते हैं जब पानी की मांग बढ़ने के साथ आपूर्ति व्यवस्था चरमरा जाती है। नतीजतन लोगों को निजी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता है जिससे उन्हें अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता है। कई इलाकों में सप्ताह में एक-दो बार ही पर्याप्त पानी मिल पाता है।
बूस्टिंग स्टेशन से बदलेगी स्थिति
गाजीपुर में बनने वाला बूस्टिंग स्टेशन रेनीवेल से आने वाले पानी को पहले बड़े स्तर पर स्टोर करेगा और फिर आधुनिक पंपिंग सिस्टम के जरिए उसे उच्च दबाव के साथ विभिन्न इलाकों में भेजा जाएगा। इससे खासतौर पर ऊंचाई वाले क्षेत्रों और अंतिम छोर तक पानी पहुंचाना संभव हो सकेगा। विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के बूस्टिंग स्टेशन से जल आपूर्ति का संतुलन बेहतर होता है और पूरे नेटवर्क में दबाव समान रूप से बना रहता है। इससे न केवल पानी की उपलब्धता बढ़ती है बल्कि वितरण प्रणाली भी अधिक प्रभावी हो जाती है।
इस वित्तीय वर्ष में काम पूरा करने का लक्ष्य
एफएमडीए अधिकारियों ने परियोजना को प्राथमिकता में रखते हुए लक्ष्य तय किया है कि अगले वित्तीय वर्ष पहले बूस्टिंग स्टेशन के मुख्य ढांचे का निर्माण पूरा कर लिया जाए। जमीन मिलते ही सर्वे और मिट्टी परीक्षण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
शर्तों के साथ हुआ हस्तांतरण
नगर निगम ने यह जमीन कुछ शर्तों के साथ एफएमडीए को सौंपी है। इसमें जमीन की तय कीमत का भुगतान, केवल जल आपूर्ति से जुड़े कार्यों के लिए उपयोग और पहुंच मार्ग के निर्माण व रखरखाव की जिम्मेदारी शामिल है।
यह जमीनी एफएमडीए को सौंप दी गई है। पेयजल आपूर्ति को लेकर नगर निगम गंभीरता से काम कर रहा है। जल्द लोगों को इस बूस्टर का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।-धीरेंद्र खड़गा, निगम आयुक्त