अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। यमुना किनारे बसे इमामुद्दीनपुर गांव में 3.5 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। इसके बनने से इमामुद्दीनपुर समेत शाहजहांपुर, फज्नुपुर, चांदपुर, साहुपुरा और अरुआ गांव का गंदा पानी सीधे यमुना में जाने से रोका जा सकेगा। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने करीब 16 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार कर सरकार को मंजूरी के लिए भेज दिया है। स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। यमुना किनारे किसी गांव में बनने वाला यह पहला एसटीपी होगा। फिलहाल इन गांवों का सीवेज बिना शोधन के सीधे नदी में पहुंच रहा है, जिससे नदी का पानी लगातार प्रदूषित हो रहा है। वर्ष 2019 में एनजीटी ने गांवों के गंदे पानी को यमुना में जाने से रोकने के आदेश दिए थे, लेकिन जमीन उपलब्ध न होने के कारण योजना अटकी रही थी। एसटीपी बनने के बाद साफ किया गया पानी किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से यमुना प्रदूषण कम होने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।