लोन, वीजा और शेयर बाजार में मुनाफे का लालच देकर ऐंठते थे रकम
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। पुलिस की साइबर थाना एनआईटी और साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीमों ने अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि कुछ आरोपी सीधे लोगों से संपर्क कर ठगी करते थे, जबकि कुछ अपने बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराकर ठगी की रकम हासिल करने और आगे पहुंचाने का काम करते थे।
गिरफ्तार आरोपियों में सौरभ कुमार और धनंजय चौधरी निवासी नालंदा, बिहार, रिठाला दिल्ली निवासी एक महिला, प्राशुन निवासी एटा उत्तर प्रदेश, हरप्रीत सिंह निवासी ऊधम सिंह नगर उत्तराखंड, हर्ष और रोहित परिहार निवासी ग्वालियर मध्य प्रदेश व मासूम और सोहिल निवासी पानीपत शामिल हैं। साइबर थाना एनआईटी ने ऑनलाइन लोन दिलाने के नाम पर 55,868 रुपये ठगने के मामले में सौरभ कुमार और धनंजय चौधरी को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने क्रेडिट बी के नाम से फर्जी कस्टमर केयर पेज बनाकर गूगल पर डाला था। शिकायतकर्ता ने लोन संबंधी जानकारी के लिए नंबर खोजकर संपर्क किया तो आरोपियों ने उसकी जानकारी लेकर ऑनलाइन प्रक्रिया कराई। बाद में लोन की रकम वापस करने के नाम पर बताए गए वॉलेट में पैसे भिजवाकर ठगी कर ली। दोनों को चार दिन के रिमांड पर लिया गया है।
दूसरे मामले में शेयर बाजार में निवेश कर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 9.66 लाख रुपये ठगे गए। रिठाला निवासी महिला को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि उसने साइबर ठगों को अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था, जिसमें ठगी के दो लाख रुपये आए थे। आरोपी महिला को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। तीसरे मामले में साइबर थाना एनआईटी ने एपीके फाइल के जरिये मोबाइल हैक कर 90 हजार रुपये ठगने के मामले में एटा निवासी प्राशुन को गिरफ्तार किया। जांच में वह खाताधारक की भूमिका में मिला। उसके खाते में ठगी की 90 हजार रुपये की रकम आई थी। उसे दो दिन के रिमांड पर लिया गया है।
जापान का वीजा दिलाने के नाम पर ठगी
साइबर थाना बल्लभगढ़ ने जापान का वीजा दिलाने के नाम पर 2.19 लाख रुपये ठगने के मामले में उत्तराखंड निवासी हरप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपी जापान में नौकरी करता था और सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायतकर्ता महिला के संपर्क में आया था। वीजा लगवाने के नाम पर उसने परिचितों के खातों में रकम जमा करवाई। उसे तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है। एक अन्य मामले में हर्ष और रोहित परिहार को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने 20 लाख रुपये का लोन दिलाने के नाम पर अलग-अलग शुल्क बताकर 1.22 लाख रुपये ठगे। जांच में सामने आया कि रोहित ने हर्ष का बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था, जिसमें 97 हजार रुपये आए। हर्ष को न्यायिक हिरासत और रोहित को चार दिन के रिमांड पर भेजा गया। एक अन्य मामले में डॉक्टर का नंबर ऑनलाइन तलाशने वाले व्यक्ति को अपॉइंटमेंट के नाम पर एपीके फाइल भेजकर 91,998 रुपये ठगने के मामले में मासूम और सोहिल को गिरफ्तार किया गया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि अब आरोपियों से पूछताछ कर ठगी के नेटवर्क, इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, रकम के लेन-देन और इनके पीछे सक्रिय अन्य साइबर ठगों की जानकारी जुटाई जा रही है।