फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बस अड्डा बना छावनी, पुलिस लाइन से चलीं बसें

विज्ञापन
विज्ञापन
डिपो में खड़ी बसों की निकाली हवा, बस अड्डा बना छावनी
विज्ञापन


बल्लभगढ़। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के कारण मंगलवार दिनभर बस अड्डे पर हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। पुलिस ने तड़के ही कई कर्मचारी नेताओं को हिरासत में ले लिया था। इसके साथ ही कर्मचारी और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति को देखते हुए बस अड्डे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में नगर निगम के सफाई कर्मचारी भी बल्लभगढ़ बस डिपो पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रशासन बस न चलवा सके, इसके लिए रोडवेज कर्मचारियों ने डिपो में खड़ी बसों की हवा निकाल दी। हालांकि, प्रशासन ने रात को ही कुछ बसें निकालकर सेक्टर-30 पुलिस लाइन भिजवा दीं थी, जिन्हें सुबह रोड पर उतारा गया। मगर उनकी संख्या बहुत कम होने के कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। किलोमीटर स्कीम के तहत परिवहन बेड़े में 720 निजी बसें शामिल करने और पूर्व में हुए समझौते लागू नहीं होने के विरोध में रोडवेज कर्मचारी यूनियनों ने 16 व 17 अक्तूबर को हड़ताल की घोषणा कर रखी थी। बल्लभगढ़ में रोडवेज महाप्रबंधक पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए रोडवेज कर्मचारियों ने सोमवार दोपहर को ही जिले में चक्का जाम शुरू कर दिया था। प्रस्तावित हड़ताल के मद्देनजर मंगलवार तड़के जब कर्मचारी नेता बल्लभगढ़ बस डिपो पर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और पुलिस लाइन पहुंचा दिया। रोडवेज प्रबंधन व प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सोमवार रात को ही 38 बसों को डिपो से निकालकर पुलिस लाइन भिजवा दिया था, जहां से मंगलवार सुबह उनका संचालन हुआ। हालांकि, बल्लभगढ़ डिपो के बेड़े में करीब 200 बसें हैं। उनमें से कई सोमवार को लंबी दूरी के रूटों पर निकल गई थीं। ऐसे में रोडवेज प्रबंधन ज्यादा बसें निकालने में कामयाब नहीं हो सका था, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। ऐसे में मजबूरन लोगों को ट्रेन, मेट्रो व ऑटो का सहारा लेना पड़ा।

निगम कर्मचारी पहुंचे समर्थन में
कर्मचारी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिलने पर नगर निगम के कर्मचारी रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में बल्लभगढ़ बस डिपो पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। भारी पुलिस बल के कारण प्रदर्शनकारी बस डिपो के अंदर नहीं जा सके। ऐसे में उन्होंने राजमार्ग पर खड़े होकर ही नारेबाजी की। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और वाहन रेंग-रेंग कर चले। वहीं, रोडवेज कर्मचारियों ने डिपो के अंदर खड़ी बसों की हवा निकाल दी, जिससे कि बसों को बाहर नहीं निकाला जा सके। बाद में रोडवेज प्रबंधन ने बाहर से मैकेनिक बुलवाकर बसों के टायरों में हवा भरवाई।
विज्ञापन


बस अड्डे से चला एसडीएम का दफ्तर
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल व टकराव की स्थिति के मद्देनजर एसडीएम बल्लभगढ़ राजेश कुमार सुबह से ही बस डिपो पर डेरा जमाए हुए थे। उनके साथ एसीपी बल्लभगढ़ बलबीर सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौजूद थे। दिनभर बस अड्डे पर होने के कारण उनके दफ्तर में छोटे-मोटे काम के लिए पहुंचे लोगों को उनके वहां होने के बारे में पता चला तो वे वहीं पहुंच गए। कई छात्राएं अपने फार्म सत्यापित करवाने के लिए बस डिपो पर पहुंची। एसडीएम ने भी वहीं उनके फार्म अटेस्ट कर दिए।

ऑटो चालकों ने वसूला मनमाना किराया
रोडवेज हड़ताल की जानकारी नहीं होने पर बस अड्डे पहुंचे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। दिल्ली जाने वाले यात्रियों ने मेट्रो का सफर करना या फिर शटल में जाना सही समझा। ऐसे में बल्लभगढ़ डिपो से वाईएमसीए मेट्रो स्टेशन तक जाने के लिए यात्रियों को ऑटो का सहारा लेना पड़ा। ऐसे में ऑटो चालकों ने लोगों की परेशानी का फायदा उठाकर मनमाना किराया वसूला।

पुलिस लाइन में ही रुकेंगे कर्मचारी
मंगलवार को जिन 38 बसों का कर्मचारियों ने संचालन किया है, रोडवेज प्रबंधन उन्हें रात को पुलिस लाइन में ही ठहराएगा और सुबह उनसे काम लेगा। प्रबंधन को डर है कि कहीं इन कर्मचारियों को हड़ताली कर्मचारी किसी तरह का कोई नुकसान न पहुंचा दें या फिर उन्हें अपनी बातों में उलझाकर हड़ताल में शामिल न कर लें।
विज्ञापन


कोट
सोमवार को रोडवेज प्रबंधन ने 38 बसों का संचालन करवाया, मगर कंडक्टरों की कमी के कारण और बसें नहीं चल पाई हैं। हमने 40 और बसों को पुलिस लाइन में खड़ा करवा दिया है। बुधवार को उन्हें भी रोड पर उतारा जाएगा। जो कर्मचारी आज नहीं आए हैं, उन्हें नोटिस देकर बताया गया है कि काम पर नहीं लौटे तो नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा। ऐसे में उम्मीद है कि बुधवार को बसों का संचालन सुचारू रूप से होगा।
- भूपेंद्र सिंह, रोडवेज महाप्रबंधक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें