बिजली कटौती के चलते पानी की सप्लाई नहीं होगी बाधित, हजारों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फरीदाबाद में अब बिजली कटौती के चलते पानी की सप्लाई बाधित नहीं होगी। नगर निगम ने शहर के प्रमुख बूस्टिंग स्टेशनों को स्वतंत्र बिजली फीडर से जोड़ने का निर्णय लिया है। इससे पानी की सप्लाई बिना रुकावट हो सकेगी। इस व्यवस्था के लागू होने से गर्मी के दिनों में होने वाली पानी की किल्लत से हजारों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
अब तक फरीदाबाद में जलापूर्ति की सबसे बड़ी चुनौती बिजली की अघोषित कटौती रही है। जैसे ही बिजली आपूर्ति बाधित होती थी बूस्टिंग स्टेशन ठप हो जाते थे और कई इलाकों में घंटों तक पानी नहीं पहुंच पाता था। सुबह और शाम के समय पानी न आने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित होती थी। नगर निगम ने इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए बूस्टिंग स्टेशनों को स्वतंत्र फीडर से जोड़ने का फैसला लिया है ताकि बिजली की सामान्य कटौती का असर पानी की सप्लाई पर न पड़े।
पेशेवर निगरानी में चलेगा पूरा सिस्टम
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार अब बूस्टिंग स्टेशनों का संचालन और रखरखाव पूरी तरह व्यवस्थित तरीके से किया जाएगा। पंपिंग सिस्टम, मोटर, इलेक्ट्रिकल उपकरण और मैकेनिकल यूनिट की नियमित निगरानी की जाएगी। किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में उसे तुरंत दूर करने की व्यवस्था रहेगी। साथ ही बूस्टिंग स्टेशनों के भवन और अन्य सभी सिविल संरचनाओं को भी मजबूत किया जाएगा ताकि लंबे समय तक किसी तरह की रुकावट न आए।
8 बूस्टिंग स्टेशन बनेंगे व्यवस्था की रीढ़
इस योजना में फरीदाबाद के उन 8 बूस्टिंग स्टेशनों को शामिल किया गया है, जो शहर की जलापूर्ति में अहम भूमिका निभाते हैं। सेक्टर-9 बूस्टिंग स्टेशन 20 लाख लीटर क्षमता के साथ आसपास के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पानी सप्लाई करता है। सेक्टर-28 बूस्टिंग स्टेशन की क्षमता 24 लाख लीटर है, जो कई सेक्टरों की जरूरतें पूरी करता है।
स्प्रिंग फील्ड कॉलोनी बूस्टिंग स्टेशन 20 लाख लीटर क्षमता के साथ रिहायशी इलाकों को कवर करता है। अशोका एन्क्लेव पार्ट-1 में स्थित बूस्टिंग स्टेशन 25 लाख लीटर क्षमता का है जबकि अशोका एन्क्लेव पार्ट-3 बूस्टिंग स्टेशन की क्षमता 5 लाख लीटर निर्धारित की गई है। सेक्टर-37 बूस्टिंग स्टेशन 25 लाख लीटर क्षमता के साथ बड़ी आबादी तक पानी पहुंचाता है। सराय बूस्टिंग स्टेशन की क्षमता 24 लाख लीटर है और दयालबाग बूस्टिंग स्टेशन 25 लाख लीटर क्षमता के साथ रोजाना हजारों घरों की प्यास बुझाता है।
गर्मी में होगा सबसे बड़ा फायदा
नगर निगम का मानना है कि यह व्यवस्था विशेष रूप से गर्मियों के मौसम में काफी लाभकारी साबित होगी। तापमान बढ़ने के साथ पानी की मांग भी तेजी से बढ़ती है। ऐसे में पंपिंग स्टेशन में सभी सुविधाएं पूरी होंगी तो लोगों को बिना रुकावट पानी की सप्लाई मिल पाएगी।
पानी के टैंकरों पर निर्भरता होगी कम
बूस्टिंग स्टेशनों में सभी परेशानियों को दूर करने के बाद लोगों को बिना रुकावट पानी की सप्लाई मिल सकेगी। वहीं लोगों को पीने व अन्य इस्तेमाल के लिए निजी टैंकरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों की बचत होगी।
लीकेज और दबाव की समस्या पर भी लगेगा अंकुश
सही ढंग से संचालन और नियमित निगरानी से पाइपलाइन लीकेज और कम दबाव की शिकायतों में भी कमी आने की उम्मीद है। जब बूस्टिंग स्टेशन पूरी क्षमता से सुचारू रूप से काम करेंगे तो सप्लाई लाइन में पानी का दवाब बना रहेगा। इससे उन इलाकों को भी फायदा मिलेगा जहां ऊंचाई या दूरी के कारण पानी पहुंचने में परेशानी आती है।
निगम की तरफ से लोगों की सुविधाओं के लिए हर स्तर पर तेजी से काम किया जा रहा है। जल्द ही लोगों को इस परियोजना का लाभ मिलना भी शुरू हो जाएगा। - नितिन कादियान, कार्यकारी अभियंता नगर निगम