परिजनों ने कई जगह ओपन हार्ट सर्जरी के लिए सलाह ली, लेकिन अधिक जोखिम के कारण सर्जरी से इनकार कर दिया गया। इसके बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने टीएवीआर प्रक्रिया अपनाने का निर्णय लिया। करीब 50 मिनट चली इस जटिल प्रक्रिया में बिना बेहोश किए नया वाल्व प्रत्यारोपित किया गया।
डॉक्टरों ने बताया कि टीएवीआर एक न्यूनतम इनवेसिव तकनीक है, जिसमें कैथेटर के जरिये नया वाल्व हृदय तक पहुंचाया जाता है। उपचार के बाद मरीज की हालत में सुधार हुआ है और हृदय की कार्यक्षमता बढ़कर 55 प्रतिशत तक पहुंच गई है।