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एनआईटी 2ई ब्लॉक में समस्याओं का अंबार

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आरडब्ल्यू कॉर्नर
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सड़कें बदहाल, गंदगी के ढेर से लोग बेहाल
- एनआईटी-2ई ब्लॉक का हाल : बिना बरसात के ही जगह-जगह भरा रहता है गंदा पानी
- पार्क में फव्वारा टूटा, लंबी-लंबी घासों का ढेर
- आबादी तो बढ़ी मगर सुविधाएं घट गईं

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जगह-जगह गंदगी का ढेर, बारिश हो या न हो लेकिन सड़कों पर गंदा पानी जरूर भरा रहेगा। यही नहीं पार्क की हालत ऐसी है कि एक मिनट भी कोई रुक नहीं सकता। न बैठने की जगह और न घूमने के लिए मैदान खाली। लंबी-लंबी घासें उग रही हैं। दरअसल, ये हाल एनआईटी-2 ई ब्लॉक का है। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों का कहना है कि इस बारे में कई बार निगम अधिकारियों को शिकायत की गई, यहां तक कि सीएम विंडो पर भी शिकायत दर्ज करवाई गई मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।
विस्थापित होकर आए लोगों ने अपनी मेहनत से न्यू इंडस्ट्रीयल टाउन (एनआईटी) को बसाया था। उस दौरान आबादी के अनुसार शहर की सड़क और सीवर आदि व्यवस्था बनाई गई थी। मगर आबादी बढ़ने के साथ ही यहां सुविधाएं भी घटती चली गईं। एनआईटी-2ई ब्लॉक में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। सीवर जाम रहने के कारण अक्सर गंदा पानी सड़कों पर जमा रहता था। हाल ही में सीमेंटेड सड़कें बनाई गई हैं, मगर उनमें सही तरह से ढाल नहीं दिए जाने के कारण लोगों के घरों के आगे बरसाती पानी जमा हो जाता है। इसके अलावा पार्क की स्थिति भी जर्जर है। लोगों के बैठने के लिए बनाए गए शेड टूटे पड़े हैं। पार्क में लंबी-लंबी घास उग आई हैं जिससे कई महीनों से काटा नहीं गया है। फव्वारा भी टूटा हुआ है।
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कोट
नगर निगम ने सीमेंटेड सड़कें तो बना दी, मगर पानी निकासी का कोई इंतजाम नहीं किया। ऐसे में थोड़ी सी बरसात होती है तो पानी सड़कों पर खड़ा हो जाता है और लोगों के घरों में घुसने लगता है।
- अमन भाटिया

ब्लॉक में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। नगर निगम के कर्मचारी कई-कई दिन तक कूड़ा उठाने ही नहीं आते हैं। कई बार इसकी शिकायत निगम अधिकारियों को की गई, मगर कोई सुनने वाला ही नहीं है। - जगन्नाथ

एनआईटी-2ई ब्लॉक पार्क की हालत बदतर हुई पड़ी है। शेड टूटे हुए हैं। फव्वारा टूटा पड़ा है और उसमें जगह-जगह घास उग आई है। माली नहीं होने के कारण न तो घास कटती है और न ही साफ सफाई होती है। - कैलाश गांधी
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वार्ड की समस्याओं को लेकर हमने कई बार नगर निगम अधिकारियों को शिकायत दी है। हाल ही में बनी मुख्य सड़क की ढाल जानबूझकर कुछ दुकानों के आगे दी गई है। इसके चलते सारा पानी उन दुकानों के आगे जमा हो जाता है। इसकी शिकायत निगमायुक्त, महापौर से लेकर सीएम विंडो तक पर की गई। मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। निगम अधिकारी शिकायतों को दबाने में माहिर हैं।
- मनोज भाटिया, प्रधान, 2ई वेलफेयर एसोसिएशन
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