आरोपियों को अहमदाबाद, बनसकाटा, जयपुर और महाराष्ट्र से किया काबू
आरोपियों को रिमांड पर लेकर टीम कर रही पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। साइबर ठगों को बैंक खाते मुहैया कराने वाले 7 आरोपियों को साइबर क्राइम थाना सेंट्रल की टीम ने अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों को गुजरात के अहमदाबाद, बनसकाटा, जयपुर और महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि आरोपियों को रिमांड पर लेकर टीम पूछताछ कर रही है।
पहले मामले में निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर 11085600 रुपये की ठगी मामले में साइबर ठगों को बैंक खाते देने वाले दो आरोपियों को गुजरात से गिरफ्तार किया गया है। साइबर क्राइम थाना सेंट्रल टीम की ओर से पकड़े गए इन आरोपियों की पहचान अहमदाबाद निवासी सुमन पाल व हर्षदीप के तौर पर हुई। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी हर्षदीप ने अपना खाता सुमन पाल को बेचा था। सुमन पाल ने ये खाता आगे ठगों को दिया था। इस खाते में ठगी के 5 लाख रुपये आए थे। आरोपी हर्षदीप स्क्रैप का काम करता है और सुमन पाल डिलिवरी बॉय का काम करता है। आरोपियों को 7 दिन के रिमांड पर लेकर टीम पूछताछ कर रही है।
दूसरे मामले में शेयर बाजार में निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर 11.48 लाख की ठगी मामले में साइबर क्राइम थाना सेंट्रल की टीम ने आरोपी प्रकाश हसमुख भाई वाघोला को गुजरात बनसकाटा से गिरफ्तार किया है। इसने अपना खाता ठगों को बेचा था। इस खाते में ठगी के 2.45 लाख रुपये आए थे। आरोपी बतौर डिलीवरी बॉय काम करता है। आरोपी को 7 दिन के रिमांड पर लेकर टीम पूछताछ कर रही है।
तीसरे मामले में टेलीग्राम पर प्रीपेड टास्क के बहाने 34.47 लाख रुपये की ठगी के मामले में साइबर क्राइम थाना सेंट्रल की टीम ने एक आरोपी को जयपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी साहिल कुमार राजस्थान के हनुमानगढ़ का रहने वाला है। ये साइबर ठगों को बैंक खाते बेचता है। इसने चिरांश का खाता ठगों को दिया था। आरोपी 12वीं पास करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए जयपुर में रह रहा था। आरोपी को 2 दिन के रिमांड पर लेकर पुलिस टीम पूछताछ कर रही है।
चौथे मामले में रुपयों को यूएसडीटी में बदल निवेश कर रुपये कमाने का झांसा देकर 21.95 लाख रुपये की ठगी के मामले में 3 आरोपियों को साइबर क्राइम थाना सेंट्रल की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान महाराष्ट्र निवासी शिरीष, आकाश घोसले और तौफिक अलफाज के तौर पर हुई। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी तौफिक व आकाश खाताधारक हैं। शिरीष ने इनके खाते लेकर ठगों को दिए थे। आरोपी तौफिक ट्रांसपोर्ट का काम करता है और आकाश व शिरीष पुणे में हास्पिटल में काम करते हैं। तौफिक को 3 दिन के रिमांड पर लेकर टीम पूछताछ कर रही है। जबकि आकाश व शिरीष को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है।