अभाविप भी अप्रत्यक्ष चुनाव के विरोध में, लेकिन लड़ेगी चुनाव
फरीदाबाद। लोकतंत्र की पौधशाला कहे जाने वाले छात्रसंघ चुनाव को अप्रत्यक्ष विधि से कराए जाने का विरोध सभी छात्र संगठनों के साथ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) भी कर रही है, लेकिन वह चुनाव में हिस्सा लेगी। अन्य छात्र संगठनों का आरोप है कि सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर छात्र संघ चुनाव में अभाविप प्रत्याशियों को जिताना चाहती है। इसीलिए अप्रत्यक्ष चुनाव करवाने की घोषणा की गई, यह भी आरोप है कि अभी सरकार यह भी नहीं तय कर सकी है कि अप्रत्यक्ष चुनाव का प्रारूप क्या होगा।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव कराने के पक्ष में है लेकिन यह बात भी ध्यान में रखनी चाहिए कि 22 साल बाद यह चुनाव हो रहे हैं। अभाविप चुनाव लड़ने के लिए पूरी तैयारी कर रही है चाहे वह प्रत्यक्ष हो या अप्रत्यक्ष। अगले साल प्रत्यक्ष चुनाव कराने के लिए सरकार पर जोर डाला जाएगा।
- माधव जिला संयोजक अभाविप, फरीदाबाद
सरकार ने अप्रत्यक्ष चुनाव की घोषणा कर दी लेकिन अभी तक यह तय नहीं है कि कालेज में क्लास रिप्रेजेंटेटिव (सीआर) और विश्वविद्यालय में डिपार्टमेंट रिप्रेजेंटेटिव (डीआर) का चुनाव किस तरह किया जाएगा। उन्हें शिक्षक चुनेंगे या छात्र। यदि शिक्षकों को सीआर, डीआर चुनने दिया गया तो चुनाव में भारी गड़बड़ी होगी। शिक्षकों पर सत्ता का दबाव डाल कर अभाविप के प्रत्याशियों का चुनाव करवाया जाएगा। बावजूद इसके युवा आगाज अभाविप के खिलाफ चुनाव लड़ेगा।
- जसवंत सैनी, अध्यक्ष युवा आगाज फरीदाबाद
सरकार को मालूम है कि हरियाणा में अभाविप का कोई वजूद नहीं है, यदि छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष रूप से कराए गए तो 80 फीसदी सीटों पर इनसो की जीत होगी। प्रदेश का युवा दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला की कार्यशैली से प्रभावित हो, इनसो के साथ तेजी से जुड़ रहा है, इससे घबराई सरकार अप्रत्यक्ष चुनाव करा अभाविप को प्रदेश में स्थापित करना चाहती है। चुनाव चाहे प्रत्यक्ष हों या अप्रत्यक्ष इनसो पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी और उसके प्रत्याशी सबसे ज्यादा जीतेंगे।
- रवि, जिला अध्यक्ष इनसो
सरकार ने छात्र संघ चुनाव अप्रत्यक्ष पद्धति से करने की घोषणा तो कर दी लेकिन आज तक कोई अधिसूचना नहीं जारी की गई। शिक्षामंत्री ने 15 अक्तूबर तक चुनाव कराने की घोषणा की है। सिर्फ दस दिन बाकी हैं लेकिन सरकार यह निर्णय नहीं ले सकी कि सीआर, डीआर का चुनाव शिक्षक करेंगे या छात्र। एक छात्र ही छात्रों की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझ कर सही मंच पर उसे उठा सकता है।
- कृष्ण अत्री, अध्यक्ष एनएसयूआई