फरीदाबाद। बहुचर्चित मनोज भाटी हत्याकांड में पुलिस ने शनिवार को 600 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। अदालत ने आरोपियों को चार्जशीट की कॉपी दे दी है। इस मामले की सुनवाई छह अप्रैल को होगी। पुलिस ने 15 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें से कुछ जेल में बंद हैं और कई फरार हैं। आरोपियों में मनोज मांगरिया, रोहित, रवि, सतबीर, रामसिंह, हिमांशु, कोशिंदर, विक्की, विकास, अशोक कुमार, हरपाल, सोनू, धर्मेंद्र, आर्यन उर्फ बिट्टू, अजय व धीरेंद्र कुमार के नाम शामिल हैं।
सेक्टर-31 स्थित श्रमिक विहार में 23 दिसंबर 2020 को दो लग्जरी कारों में सवार हमलावरों ने दिनदहाड़े ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर गांव अमीपुर निवासी प्रॉपर्टी डीलर मनोज भाटी की हत्या कर दी थी। हमलावरों ने करीब एक किलोमीटर तक भाटी की कार का पीछा किया था। श्रमिक विहार में मनोज की कार के नीचे एक मोटरसाइकिल फंस गई। इसी दौरान बदमाशों ने घेरकर उस पर गोलियां बरसा दीं। इससे कार के अंदर ही उसकी मौत हो गई। सेक्टर-31 थाना पुलिस ने मनोज के बड़े भाई हेमराज की शिकायत पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या व आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस के मुताबिक मनोज को आधा दर्जन से ज्यादा गोलियां लगी थीं।
साल 2019 में मनोज भाटी ने तिगांव विधानसभा चुनाव के लिए लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी से विधायक की टिकट हासिल की थी, लेकिन चुनाव नहीं लड़े। पुलिस इस मामले में गांव मांगर निवासी अशोक उर्फ पाटिल, नंगला एन्क्लेव निवासी विकास हरसाना, आया नगर दिल्ली निवासी सोनू और गांव अनंगपुर निवासी धर्मेंद्र, अजय फौजी व बिट्टू को काबू कर जेल भेज चुकी है जबकि बाकी अभी फरार हैं। क्राइम ब्रांच का दावा है कि अजय फौजी और बिट्टू हत्याकांड में मुख्य शूटर हैं। इनका संबंध यूपी के कुख्यात गैंगस्टर सुंदर भाटी से बताया गया है।