फरीदाबाद। जिले में लॉकडाउन के दौरान पिछले चार माह में 5900 से अधिक रजिस्ट्री हुई हैं। इनमें सर्वाधिक रजिस्ट्री फरीदाबाद तहसील में हुई है। प्रदेश सरकार द्वारा इन पर रोक के बाद अब सीएम फ्लाइंग ने इसकी जांच भी शुरू कर दी है। शुक्रवार को सीएम फ्लाइंग की टीम ने फरीदाबाद तहसील पहुंचकर रिकॉर्ड जांचा और कुछ दस्तावेज अपने साथ भी ले गए। हालांकि डीएसपी सीएम फ्लाइंग देवेंद्र यादव ने रिकार्ड जब्त करने की बात से इंकार किया है। जिला उपायुक्त यशपाल यादव ने बयान जारी कर कहा है कि जिले में लॉकडाउन के दौरान सेक्शन-7ए के तहत अनियमित स्थानों की कोई भी रजिस्ट्री नहीं की गई है। कुछ व्यक्ति इस बात का गलत व भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। ऐसा करने वालों के खिलाफ प्रशासन कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा हलै।
सरकार ने प्रदेश में 17 अगस्त तक रजिस्ट्री पर रोक लगा दी हैं और लॉकडाउन के दौरान हुई रजिस्ट्रियों की जांच के आदेश दिए हैं। इससे तहसीलों में हड़कंप मचा हुआ है। तहसीलों में कार्यरत कर्मचारियों से लेकर दलालों तक के हाथपांव फूले हुए हैं। जिले में पिछले चार माह में 22 मार्च से 22 जुलाई के बीच 5900 से अधिक रजिस्ट्री हुई हैं। इनमें सर्वाधिक 1700 से अधिक रजिस्ट्री फरीदाबाद तहसील में, बल्लभगढ़ तहसील में 1486, बड़खल में 1286, तिगांव उपतहसील में करीब 320, दयालपुर में 230 से अधिक, मोहना में 184, गौंछी में 570 और धौज में 140 से अधिक रजिस्ट्री हुई हैं।
जिला उपायुक्त कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार बड़खल के तहसीलदार गुरुदेव सिंह ने बताया कि जिले में लॉकडाउन के दौरान सेक्शन-7 ए के तहत अनियमित क्षेत्रों की कोई रजिस्ट्री नहीं हुई है। सरकार द्वारा सिस्टम को और भी पारदर्शी बनाने के लिए रजिस्ट्री बंद की हुई हैं। जिला उपायुक्त ने इसके लिए सभी तहसीलों को कड़े निर्देश दिए हुए हैं कि वह अवैध कॉलोनी में रजिस्ट्री न करें। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के समय अवैध कॉलोनी में रजिस्ट्री करने की गलत अफवाहों का प्रचार किया जा रहा है, जोकि बिल्कुल गलत है।