सिस्टम हैं पर कर्मचारी नहीं, कैसे बनें आधार कार्ड
- डाक घरों और बैंकों में कर्मचारियों की कमी से नहीं बन पा रहे हैं कार्ड
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बैंक में खाता खुलवाना हो या स्कूल में बच्चे का दाखिला करवाना है। सरकार ने हर काम के लिए आधार कार्ड को आवश्यक कर दिया है। आधार कार्ड जितना जरूरी है, उसे बनवाना या उसमें हुई गलती को ठीक करवाना उतना ही मुश्किल है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने आधार कार्ड बनवाने के लिए स्थानीय प्रशासन के अलावा बैंक और डाकघरों में आधार केंद्र बनाए हैं, मगर प्रशिक्षण प्राप्त नहीं होने के कारण डाकघर सहित कई बैंकों में आधार कार्ड का पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। इसके चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में जिला प्रशासन के करीब 16 आधार कार्ड केंद्र चल रहे हैं। इनमें लघु सचिवालय और उपमंडल अधिकारियों के कार्यालय सहित अटल सेवा केंद्र सहित कई सरकारी कार्यालयों में केंद्र बनाए गए हैं। इसके अलावा जिले के अधिकांश डाकघरों व बैंकों में भी आधार केंद्र बने हैं। मगर इनमें कर्मचारियों को प्रशिक्षण नहीं मिल पाने के कारण वे बंद पड़े हैं। जिले में बैंक व डाकघर में मिलाकर 33 आधार कार्ड केंद्र हैं, इनमें 9 डाकघरों में केंद्र बनाए गए हैं, मगर इनमें से एक में भी आधार कार्ड बनाने का काम नहीं हो रहा है। डाकघर के एक अधिकारी ने बताया कि उनके पास मशीनें तो आ गई हैं, मगर किसी भी कर्मचारी को आधार कार्ड बनाने के लिए प्रशिक्षण नहीं मिला है, ऐसे में मशीनें डाकघरों में धूल फांक रही हैं। इसी तरह कई बैंकों में भी यही समस्या है, जिसके चलते वहां भी आधार कार्ड नहीं बन पा रहे हैं।
आधार कार्ड केंद्रों में काम नहीं होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिन केंद्रों पर आधार कार्ड बन रहे हैं, वहां सुबह से ही लोगों की लाइन लग जाती है। ऐसे में दोपहर तक लोग परेशान होते रहते हैं। इसके अलावा जिनको जानकारी नहीं है या जो थोड़ा देर से पहुंचते हैं तो उन्हें फार्म या टोकन देने से मना कर दिया जाता है। आधार कार्ड बनाने वाले कर्मचारियों का कहना है कि सुबह 9 बजे टोकन बांटे जाते हैं। हर केंद्र पर 25 से 30 टोकन दिए जाते हैं, जिनके पास टोकन होगा, उसका ही कार्ड बनाया जाएगा।
जिला प्रशासन के आधीन चल रहे सभी केंद्रों पर सुचारू रूप से आधार कार्ड बनाने का काम चल रहा है। बैंकों और डाकघरों में काम क्यों नहीं चल पा रहा, उसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं हैं। यूआईडीएआई ने जिस भी एजेंसी को काम सौंप रखा है, उसको ही इनकी जिम्मेदारी दे रखी है।
- एलएन मित्तल, जिला सूचना अधिकारी