वन विभाग के अनुसार, योजना का लाभ लेने के लिए पेड़ जिस जमीन पर खड़ा है, उस जमीन की रजिस्ट्री आवेदक के नाम होना जरूरी है। आवेदन मिलने के बाद वन विभाग का निरीक्षक और विभागीय समिति पेड़ की आयु व अन्य पात्रता की जांच करेगी। सभी शर्तें पूरी होने और सत्यापन के बाद संबंधित व्यक्ति की पेंशन स्वीकृत कर दी जाएगी।
हरियाणा सरकार ने इस योजना की शुरुआत पुराने पेड़ों के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए की है। यह देश की अपनी तरह की पहली योजना है, जिसके तहत पुराने पेड़ों को भी सम्मान के साथ आर्थिक संरक्षण दिया जा रहा है। सरकार ने यह भी प्रावधान किया है कि वृद्धावस्था सम्मान पेंशन की तरह इस योजना की पेंशन राशि में भी समय-समय पर समानुपातिक बढ़ोतरी की जाएगी।
जिला वन कार्यालय ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके घर, खेत या अन्य निजी भूमि पर 75 वर्ष या उससे अधिक पुराना पेड़ मौजूद है तो वे जिला वन विभाग कार्यालय में आवेदन करें। विभाग की जांच में पात्र पाए जाने पर उन्हें भी योजना का लाभ दिया जाएगा। इससे न केवल पुराने पेड़ों का संरक्षण होगा बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
हरियाणा प्राण वायु देवता पेंशन योजना का उद्देश्य पुराने पेड़ों का संरक्षण करना है। जिले में 51 पेड़ों को योजना का लाभ मिल रहा है। जिन लोगों की निजी भूमि पर 75 वर्ष या उससे अधिक पुराने पेड़ हैं, वे वन विभाग में आवेदन करें। सत्यापन के बाद पात्र पाए जाने पर उन्हें भी प्रतिवर्ष 3000 रुपये की पेंशन दी जाएगी। -झलकार उयके, जिला वनमंडल अधिकारी