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Faridabad News: 500 करोड़ खर्च, फिर भी शहर में बिजली संकट

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ओवर लोडिंग और ट्रिपिंग की समस्या के कारण रोज छह से आठ घंटे के कट लगाए जा रहे
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धनंजय चौहान
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में दिल्ली-इंदौर की तर्ज पर सरकार द्वारा बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के भले ही कितने ही दावे क्यों न किए जा रहे हों, लेकिन जमीनी स्तर पर सभी हवा हवाई साबित हो रहे हैं। पिछले 10 साल में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचवीबीएन) की ओर से शहर में बिजली व्यवस्था बेहतर करने और लोगों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए करीब 500 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इनमें वर्ल्ड बैंक और रिक्ट्रक्चर्ड एक्सलरेटिड डेवलपमेंट एंड रिफॉर्म प्रोग्राम (आरएपीडीआरपी) योजना जैसी कई बड़ी योजनाएं शामिल हैं।
गर्मी के सीजन में शहर में ओवर लोडिंग की वजह से बिजली कटौती बढ़ जाती है। इससे उपभोक्ताओं को काफी दिक्कत होती है। शहर में ओवर लोडिंग और ट्रिपिंग की समस्या के कारण रोजाना करीब छह से आठ घंटे के कट लगाए जा रहे हैं, जबकि वर्ष 2013 में वर्ल्ड बैंक योजना के तहत जिले के सबसे अधिक ओवरलोड फीडरों व ट्रांसफार्मरों का चयन कर उनकी क्षमता में सुधार लाने का काम किया गया था, जिससे उपभोक्ताओं को फाॅल्ट, ओवरलोडिंग, ट्रिपिंग लो-वोल्टेज जैसी बिजली समस्या से राहत मिल सके। ओवरलोड ट्रांसफार्मरों का लोड कम किया गया था। इसके तहत फीडर का लोड दो ट्रांसफार्मर में बांटा गया, जिससे पीक गर्मी के मौसम में अचानक बिजली की डिमांड बढ़ने पर फीडर में कोई फॉल्ट नहीं आए।
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इसके अलावा यदि एक फीडर पर फाॅल्ट हो जाता है तो दूसरे फीडर से संबंधित क्षेत्र की सप्लाई को सुचारु रखा जा सके। इससे उपभोक्ता को बिजली कटौती की सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा कई नए फीडर भी बनाए गए। इस योजना पर 130 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा रिक्ट्रक्चर्ड एक्सलरेटिड डेवलपमेंट एंड रिफॉर्म प्रोग्राम (आरएपीडीआरपी) योजना पर लगभग 100 करोड़ खर्च कर नए फीडर खडे़ करने और ओवरलोड ट्रांसफार्मरों के लोड को कम करने के लिए ट्रांसफार्मर लगाने सहित अनेक कार्य किए गए।
निगम का दावा था कि स्मार्ट सिटी में वर्ष 2025 तक लोगों को भरपूर बिजली मिलेगी। अधिकारियों और सरकार का दावा था कि औद्योगिक नगरी में बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए करोड़ों खर्च किए गए। इसके बाद आने वाले 20 साल तक बिजली संबंधी कोई समस्या नहीं होगी। लोगों को 24 घंटे बिजली मिलेगी। स्वयं मुख्यमंत्री यह कहते नहीं थकते हैं कि फरीदाबाद को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि स्थिति बिल्कुल अलग है। इससे पहले भी सरकार की कई योजनाएं आईं, जिन पर करीब 250 से 300 करोड़ रुपये खर्च कर बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के दावे किए गए। इसके बावजूद लोग आज भारी बिजली कटौती से जूझ रहे हैं, कभी मरम्मत कार्य के नाम पर कट लगाए जा रहे हैं तो कहीं फाॅल्ट और ब्रेक डाउन के कारण लोगों को बिजली कटौती से जूझना पड़ रहा है।


वर्ल्ड बैंक योजना के तहत ये किए गए थे काम
वर्ल्ड बैंक योजना के तहत शहर में विभिन्न क्षमता वाले 1045 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए। कम क्षमता वाले 500 ट्रांसफार्मरों की जगह ज्यादा क्षमता वाले बड़े ट्रांसफार्मर लगाए गए। इसके अलावा ऑपरेशन सर्कल में 78 ओवरलोड फीडरों पर लोड कम किया गया। इनमें 26 फीडर्स एनआईटी डिवीजन के थे और 52 फीडर ओल्ड फरीदाबाद बल्लभगढ़ डिवीजन के शामिल थे। बिजली निगम के अधिकारियों का दावा था यह काम पूरा होने के बाद सर्कल में ट्रिपिंग ब्रेकडाउन के चलते लगने वाले पावर कट से उपभोक्ताओं को काफी हद तक राहत मिल जाएगी। लो-वोल्टेज की समस्या पूरी खत्म हो जाएगी।
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पिछले 10 वर्षों में बिजली व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। इसके साथ ही मांग भी बढ़ी है जिस कारण दिक्कतें आती हैं। इनका समय पर समाधान किया जा रहा है। हमारा प्रयास लोगों को बेहतर बिजली देना है। इसके प्रयास जारी हैं।
- नरेश कक्कड़, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम
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