प्रशासन ने भीड़भाड़ वाले इलाकों में चलाया जागरूकता अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। घरेलू गैस के छोटे सिलिंडरों की कालाबाजारी और जानकारी के अभाव में लोग सिलिंडर नहीं खरीद पा रहे थे जिसको लेकर प्रशासन हरकत में आ गया है। शुक्रवार को समाचार पत्र में खबर प्रकाशित होने के बाद शनिवार से शहर के प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
प्रशासन के निर्देश पर सारन चौक, बाटा चौक, हार्डवेयर चौक सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर जागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं जहां लोगों को 5 किलो वाले अधिकृत गैस सिलिंडर की जानकारी देने के साथ-साथ मौके पर ही सिलिंडर उपलब्ध भी कराए जा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और वैध विकल्प की ओर लाना है ताकि अवैध रूप से गैस भरवाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जा सके।
शुक्रवार को प्रकाशित रिपोर्ट में सामने आया था कि शहर में रोजाना करीब 250 छोटे गैस सिलिंडर वितरित किए जा रहे हैं लेकिन जानकारी के अभाव में सीमित संख्या में ही लोग इसका लाभ उठा पा रहे हैं। दूसरी ओर बड़ी संख्या में लोग अभी भी ब्लैक में छोटे सिलिंडरों में गैस भरवा रहे हैं। समाचार पर प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए और जमीनी स्तर पर अभियान शुरू कर दिया। अधिकारियों का मानना है कि सही जानकारी मिलने पर लोग खुद ही अवैध विकल्पों से दूरी बना लेंगे।
भीड़भाड़ वाले इलाकों को बनाया केंद्र
जागरूकता अभियान के तहत उन स्थानों को प्राथमिकता दी गई है जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग आवाजाही करते हैं। सारन चौक, बाटा चौक और हार्डवेयर चौक जैसे क्षेत्रों में लगाए गए शिविरों में लोगों को 5 किलो के गैस सिलिंडर की उपलब्धता, कीमत और इसके उपयोग से जुड़े सभी पहलुओं के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है।
इसके साथ ही मौके पर ही सिलिंडर वितरण की व्यवस्था भी की गई है जिससे लोगों को तुरंत लाभ मिल सके और उन्हें अलग से गैस एजेंसी के चक्कर न लगाने पड़ें।
सुरक्षा और सुविधा दोनों पर जोर
अधिकारियों के अनुसार अवैध रूप से गैस भरवाने की प्रक्रिया में दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ऐसे में अधिकृत 5 किलो का सिलिंडर न केवल सुरक्षित विकल्प है बल्कि छोटे परिवारों और जरूरतमंदों के लिए किफायती भी साबित हो सकता है। अभियान के दौरान लोगों को यह भी समझाया जा रहा है कि अधिकृत सिलिंडर का उपयोग करने से उन्हें किसी भी प्रकार की कानूनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और गैस की गुणवत्ता भी सुनिश्चित रहेगी।