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Faridabad News: एक साल में 40 एचआईवी संक्रमित महिलाओं ने दिया स्वस्थ बच्चे को जन्म

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जन्म के बाद बच्चे की 18 महीने के भीतर चार बार एचआईवी की जांच की जाती है
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काजल कुमारी

फरीदाबाद। जिले में 3200 से अधिक एचआईवी के मामले दर्ज हैं। रोजाना 70 से अधिक लोग एचआईवी की जांच करवाते हैं। ऐसे में बीमारी से पीड़ित दंपतियों के लिए माता-पिता बनना एक कठिन निर्णय और बड़ी चुनौतीपूर्ण सवाल है। डॉक्टरों ने बताया कि पिछले एक साल में 40 एचआईवी संक्रमित माताओं ने एचआईवी संक्रमण मुक्त बच्चों को जन्म दिया है। इसमें नवजात शिशु की 18 महीनों के भीतर चार बार एचआईवी की जांच की जाती है।



स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में 3200 से अधिक एचआईवी के मामले दर्ज हैं जिसमें पलवल, कोसी, फरीदाबाद और गुरुग्राम के मरीज शामिल हैं। वहीं, प्रतिदिन लगभग 70 से 80 लोगों की एचआईवी जांच की जाती है।
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बीके अस्पताल के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. हरजिंदर ने बताया कि पिछले एक साल में 40 एचआईवी संक्रमित माताओं ने एचआईवी संक्रमण मुक्त बच्चों को जन्म दिया है। उनका कहना है यदि दंपती चिकित्सकीय निगरानी और इलाज के साथ परिवार नियोजन करते हैं, तो नवजात की एचआईवी से संक्रमित होने की संभावना 99 प्रतिशत तक कम हो जाती है। यदि समय पर जांच, इलाज और जागरूकता का पालन किया जाए, तो एचआईवी पॉजिटिव दंपती भी एक सामान्य जीवन जी सकते हैं।


बच्चे के जन्म के बाद 18 महीनों के भीतर चार बार एचआईवी जांच की जाती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नवजात संक्रमित तो नहीं है। यदि सभी रिपोर्ट निगेटिव आती हैं, तो इसे पूरी तरह से सुरक्षित माना जाता है। साथ ही सलाह दी जाती है कि समय पर जांच करवाए और बच्चे को 24 महीनों तक डॉक्टरों की निगरानी में रखें।
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डॉक्टर ने बताया कि पति या पत्नी में से केवल किसी एक को एचआईवी है, तो भी उचित सावधानियों, दवाओं और परामर्श से संक्रमण को दूसरे साथी या शिशु तक पहुंचने से रोका जा सकता है। जरूरी है कि दंपती समय पर एचआईवी टेस्ट करवाएं और डॉक्टर की सलाह पर पूरी प्रक्रिया का पालन करें।
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