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Faridabad News: जेसी बोस विवि में 3877 विद्यार्थियों को मिलीं उपाधियां

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दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने की 25 लाख रुपये अनुदान देने की घोषणा
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संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए में सोमवार को आयोजित छठे दीक्षांत समारोह में वर्ष 2024 और 2025 में पाठ्यक्रम पूरा करने वाले 3877 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 2079 छात्र और 1798 छात्राएं शामिल हैं। उपाधि प्राप्त करने वालों में 68 शोधार्थी भी शामिल रहे, जिनमें 46 महिला हैं। समारोह में विद्यार्थियों को मेडल देकर भी सम्मानित किया गया। हरियाणा के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. असीम कुमार घोष ने स्नातकों से आचार्य जगदीश चंद्र बोस की वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार की भावना को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा और बायोटेक्नोलॉजी के दौर में वैज्ञानिक सोच और नवाचार पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं। युवाओं को विकसित, आत्मनिर्भर और समावेशी भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी को केवल अवसर नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के रूप में लेना चाहिए।
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राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में शोध एवं विकास गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अपने विवेकाधीन फंड से 25 लाख रुपये का अनुदान देने की घोषणा की। इस राशि का एक हिस्सा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के होनहार विद्यार्थियों की मदद के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने विश्वविद्यालय को उद्योग, अनुसंधान और समाज के बीच सेतु के रूप में अपनी भूमिका मजबूत करने का आह्वान किया।


चार विद्यार्थियों को गवर्नर और मुख्यमंत्री मेडल

समारोह में वर्ष 2024 और 2025 के लिए दो-दो विद्यार्थियों को गवर्नर-चांसलर मेडल और चीफ मिनिस्टर मेडल प्रदान किए गए। बीटेक कंप्यूटर इंजीनियरिंग की विधि रैना और हर्षिका वत्स को गवर्नर-चांसलर मेडल मिला। वहीं, बीटेक रोबोटिक्स एंड एआई के राम सेवक और बीटेक आईटी की आकृति मित्तल को चीफ मिनिस्टर मेडल से सम्मानित किया गया। इसके अलावा 19 विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए वाइस चांसलर मेडल दिए गए।



चार नई परियोजनाओं का उद्घाटन

दीक्षांत समारोह से पहले राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में चार प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें दीनदयाल उपाध्याय ज्ञान संसाधन केंद्र, इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, यूएवी एवं एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और मीडिया स्टूडियो शामिल हैं। इन परियोजनाओं से विश्वविद्यालय में तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान, रचनात्मक गतिविधियों और ज्ञान संसाधनों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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तकनीक और कौशल विकास पर दिया जोर
राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की कार्यकारी समिति के अध्यक्ष प्रो. नागेश्वर राव ने दीक्षांत भाषण में विद्यार्थियों को जीवनभर सीखने, नवाचार अपनाने और समाज के लिए सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बदलते वैश्विक माहौल के अनुरूप गुणवत्ता शिक्षा, अनुसंधान, तकनीक और कौशल विकास पर जोर दिया। कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए एनईपी-2020 के क्रियान्वयन, अनुसंधान एवं नवाचार, उन्नत प्रयोगशालाओं, उत्कृष्टता केंद्रों, डिजिटल परीक्षा व्यवस्था, प्लेसमेंट, इनक्यूबेशन और अंतरराष्ट्रीय सहयोगों की जानकारी दी। समारोह में हरियाणा की प्रथम महिला श्रीमती मित्रा घोष, कुलसचिव प्रो. अजय रंगा, जिला प्रशासन के अधिकारी, शिक्षक, पूर्व छात्र और विश्वविद्यालय की विभिन्न समितियों के सदस्य मौजूद रहे।
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