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जिले के 34 स्कूलों ने ही पूरे किए फीस बढ़ाने के नियम

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फरीदाबाद। शिक्षा नियमावली 2003 के नियमों के तहत पांच सौ स्कूलों में से मात्र 34 स्कूलों ने ही फॉर्म-6 जमा कर आगामी सत्र में फीस बढ़ोतरी के लिए जरूरी कार्रवाई पूरी की है। वहीं, जिन स्कूलों में फीस बढ़ाए जाने पर अक्सर विवाद होता है, उनका नाम इस फॉर्म से गायब है। वहीं, 16 स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने अपनी बैलेंस सीट तक जमा नहीं कराई। हरियाणा अभिभावक एकता मंच की ओर से लगाई गई आरटीआई के माध्यम से यह खुलासा हुृआ है।
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शिक्षा नियमावली 2003 के नियमों के तहत सीबीएसई व हरियाणा बोर्ड के प्रत्येक प्राइवेट स्कूल को 31 दिसंबर तक बैलेंस शीट के साथ फार्म-6 ऑनलाइन शिक्षा निदेशक पंचकूला व हार्ड कॉपी जिला शिक्षा अधिकारी के पास जमा करानी होती है। पता लगा है कि 31 दिसंबर 2020 तक फरीदाबाद जिले के दोनों बोर्ड के स्कूलों में से सिर्फ 34 ने ही फॉर्म-6 जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा कराया है उसमें से भी 16 स्कूलों ने जरूरी बैलेंस शीट संलग्न नहीं की। मंच के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट ओपी शर्मा व प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने कहा है कि आरटीआई से यह भी पता चला है कि मॉडर्न डीपीएस सहित अन्य कई स्कूलों ने शिक्षा सत्र 2018-19 से लेकर शिक्षा सत्र 2021- 22 तक फीस में 40 से 50 तक की वृद्धि की है और इन्होंने शिक्षा सत्र में जो फॉर्म जमा कराया है। उसके साथ भी बैलेंस शीट नहीं लगाई है। इसको लेकर अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा डॉ. महावीर सिंह को पत्र लिखकर ऐसे दोषी स्कूलों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने व पिछले 5 साल में अभिभावकों से बढ़ा कर ली गई फीस की रकम को वापस दिलाने की मांग की गई है। ओपी शर्मा ने कहा कि अगर उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो मंच की ओर से एक उच्च स्तरीय समिति बनाकर जांच कराने की मांग को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की जाएगी।
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