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पलवली हत्याकांड की बरसी पर ग्रामीणों ने निकाला कैंडल मार्च

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पलवली हत्याकांड की बरसी पर निकाला कैंडल मार्च
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- ग्रामीणों ने आरोपियों के लिए फांसी की मांग की

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। गांव पलवली में पिछले साल चुनावी रंजिश के चलते 5 लोगों की हत्या के मामले में ग्रामीणों ने सोमवार देर शाम परशुराम चौक से पलवली गांव के मोड़ तक कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान ग्रामीणों ने आरोपियों के लिए फांसी की मांग की। इस हत्याकांड में 28 आरोपियों में से एक की जेल में मौत हो चुकी है, जबकि एक महिला को अदालत ने जमानत दी है। बाकी अभी भी जेल में हैं। इस मामले में 80 लोगों को गवाह बनाया गया है। अदालत में इनकी गवाहियां चल रही हैं।
पिछले साल 17 सितंबर की शाम पलवली गांव की सरपंच दयावती के पति वीरेंद्र उर्फ बिल्लू के बेटे मिरिंडा और चुनाव में प्रतिद्वंद्वी रहे बिजेंद्र के समर्थक कन्हैया के बीच झगड़ा हो गया था। चुनावी रंजिश ताजा होने पर दोनों पक्ष आमने सामने आ गए। कुछ देर बाद ही बिल्लू परिवार की तरफ से लोग राइफल बंदूक लेकर पहुंच गए। बिल्लू पक्ष की ओर से की गई गोलीबारी में श्रीचंद, राजेंद्र, ईश्वर, नवीन और देवेंद्र की गोली लगने से मौत हो गई थी, जबकि 8 लोग घायल हुए थे। सामूहिक हत्याकांड के बाद आरोपी पक्ष लोग घर छोड़कर फरार हो गए। गांव में तनाव होने के कारण काफी समय तक वहां पुलिस तैनात रही। करीब तीन माह पहले आरोपी पक्ष की महिलाएं दोबारा अपने घरों को लौटी तो स्थिति फिर तनावपूर्ण हो गई। गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। फिलहाल गांव में शांति है, मगर अभी भी पुलिस ने गांव में पूरी नजर बनाए रखी है।
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इस मामले में सोमवार को ग्रामीणों ने सुरेंद्र शर्मा बबली के नेतृत्व में परशुराम चौक से पलवली गांव के मोड़ तक कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान ग्रामीणों ने हत्यारों को फांसी देने की मांग करते हुए नारेबाजी भी की। स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों के साथ भारी पुलिस बल तैनात था। शांतिपूर्ण तरीके से कैंडल मार्च निपट जाने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
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