नगर निगम सीमा से बाहर बसी अवैध कॉलोनियों में भी सीवर-पानी और सड़क की सुविधा बेहतर होंगी। प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को 30 अवैध काॅलोनियों को नियमित करने की अधिसूचना जारी कर दी है। निगम क्षेत्र के बाहर कुल 144 अवैध कॉलोनियां हैं। इसमें नई पॉलिसी पर खरा उतरने वाली काॅलोनियों को पहले वैध किया जा रहा है।
144 अवैध कॉलोनियों की पहचान की गई
जिला नगर योजनाकार (एनफोर्समेंट) राजेंद्र शर्मा ने बताया कि निगम क्षेत्र से बाहर 144 अवैध कॉलोनियों की पहचान की गई है। पहले ड्रोन सर्वे में इन कॉलोनियों का पूरा ब्योरा लिया गया था। पहले के मानक के अनुसार दो बार में 30 कॉलोनियों को नियमित करने के लिए सरकार के पास भेजा गया था। शर्मा ने बताया कि सरकार ने 30 कॉलोनियों को नई पॉलिसी के अनुसार नियमित कर दिया है। इसकी अधिसूचना शुक्रवार को जारी हो गई है। इसके बाद इनमें अब विकास कार्य कराए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि अब इन काॅलोनियों में लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेगी। अभी अवैध कॉलोनी होने पर लोगों को सीवर-पानी और सड़क की सुविधा नहीं मिल पा रही है। ऐसे में प्रशासन की ओर से इन काॅलोनियों में एक योजना बनाकर काम कराया जाएगा।
20 काॅलोनियों को नियमित करने पर लगी मुहर
दूसरी ओर निगम क्षेत्र के बाहर बसी बीस और काॅलोनियों को नियमित करने के लिए उपायुक्त की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला स्तरीय कमेटी की बैठक हुई। जिला योजनाकर राजेंद्र शर्मा ने बताया कि नई पॉलिसी के अनुसार बीस और काॅलोनियों को नियमित करने का प्रस्ताव पास किया गया है और इसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी। सरकार की मंजूरी के बाद इन काॅलोनियों को नियमित किया जाएगा। शर्मा ने बताया कि बीस कालोनियां भी बल्लभगढ़, तिगांव और फरीदाबाद ब्लॉक के गांवों के राजस्व में बसीं हुईं हैं। बता दें कि इससे पहले निगम क्षेत्र में बसी 59 काॅलोनियों को प्रदेश सरकार से नियमित किया था।
विकास कार्य के लिए एजेंसी बनेगी
30 नियमित हुई काॅलोनियाें विकास कार्य कराने की जिम्मेदारी नगर निगम की नहीं है। ये काॅलोनियों पंचायती राज के गांवों के राजस्व में बसी है। ऐसे में इनके विकास के लिए सरकार एक अलग से एजेंसी गठित करेगी या किसी विभाग को कार्य कराने का जिम्मेदारी दी सकती। प्रदेश स्तर पर सरकार ने ऐसी काॅलोनियों में विकास के लिए तीन हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। हालांकि सरकार अलग से कोई एजेंसी इसके लिए बना सकती है।
350 एकड़ में बसी है कॉलोनियां
प्रदेश सरकार ने फरीदाबाद, बड़खल और तिगांव क्षेत्र की काॅलोनियों को नियमित किया है। 30 कालोनियां करीब 350 एकड़ में बसीं हैं। इसमें एक काॅलोनी 68 एकड़ में बसी है। ऐसी काॅलोनियां दो एकड़ तक में भी हैं। बड़खल क्षेत्र में नेकपुर व खेड़ी गुजरान गांव के राजस्व में 13.23 एकड़, बल्लभगढ़ क्षेत्र में कैल गांव के राजस्व में बसी 4.11 एकड़, समयपुर गांव में 3.74 व 2.7 एकड़, सुनपेड गांव में 4.21 एकड़, सीकरी में 2.4 एकड़, समयपुर में 2.79, घरौड़ा में 2.45 एकड़, रायपुर कलां में 2.24 एकड़, अटाली में 3.50 एकड़, बड़खल में कुरेशीपुर व नेकपुर में 16.71 एकड़, फतेहपुर तगा में 5.49 एकड़, कुरेशीपुर में 42.78 एकड़, कुरेशीपुर व सरुरपुर में 68.18 एकड़ में काॅलोनी बसी है।
फरीदाबाद क्षेत्र में महावतपुर में 2.03 एकड़, 2.09 एकड़, शेरपुर खादर में 2.34, ददसिया में 6.81 एकड़, मोहना में 3.20 एकड़, छायंसा में 3.47 एकड, महमूदपुर में 3.60 एकड़, फुलेरा में 2.52 एकड़, जसाना में 6.85 एकड़ समेत गांव अन्य है। हालांकि सरकार द्वारा जारी सूची में काॅलोनियों का नाम नहीं है, उन्हें एक आईडी नंबर दिया गया है। अभी सरकार रिकार्ड में बेनाम हैं। सभी कॉलोनी पास के गांवों के राजस्व में बसीं हैं।
प्रदेश सरकार ने तीस काॅलोनियों की अधिसूचना जारी कर दी है। इन काॅलोनियों में अब विकास कार्य हो सकेंगे। दूसरी ओर शुक्रवार को जिला स्तर बीस और काॅलोनियों को नियमित करने का प्रस्ताव पास हुआ है। उन्हें भी सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। - राजेश शर्मा, जिला योजनाकर एनफोर्समेंट
लोगों ने खुद डलवाया है सीवर-पानी की लाइन
अवैध काॅलोनियों में मूलभूत सुविधाओं की कमी है। नियमित होने से लोगों को सीवर-पानी समेत अन्य सेवाएं बेहतर हो सकेगी। लोग अपनी प्रॉपर्टी बेच सकेंगे। - मनोज कुमार, बल्लभगढ़
अवैध काॅलोनियों में लोगों ने चंदा लगाकर सीवर-पानी का इंतजाम कराया है। नियमित होने से अब सीवर-पानी के अलावा सड़क और बिजली की बेहतर सेवा मिलेगी। - रोहन, बड़खल