व्यापारी को जानते थे पहले से
जांच में सामने आया कि यह रकम लोहा व्यापारी जय भगवान की थी। व्यापारी ने पैसे अपने सीए नितिन को घर भेजने के लिए दिए थे। जिसके बाद नितिन ने अपने ऑफिस के असिस्टेंट रोहित कंसल को बैग देकर घर भेजा। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया।
लूट की साजिश व्यापारी के पहचान के ही नवीन भारद्वाज ने रची थी। क्योंकि नवीन भारद्वाज जय भगवान को पहले से ही जानता था और उसकी कंपनी से इसका कुछ काम को लेकर के बातचीत भी हुआ करती थी। वह जय भगवान के घर आता-जाता रहता था। जिससे पैसों की आवाजाही के बारे में अच्छी तरह जानता था। नवीन ने अपने दो दोस्तों अभिषेक उर्फ अभी पुत्र लख्मीचंद व अभिषेक पुत्र राजबीर के साथ मिलकर योजना बनाई। इनके साथ दो और युवक कपिल और संजीव भी शामिल थे, जो अभी पुलिस की गिरफ्त से फरार हैं।
21 लाख रुपये किए बरामद
लूट के बाद नवीन ने 20 लाख रुपये अपने पास रख लिए और 50-50 हजार रुपये अभिषेक उर्फ अभी व अभिषेक पुत्र राजबीर को दिए। शेष रकम कपिल और संजीव को दी गई। पुलिस ने तीनों गिरफ्तार आरोपियों से 21 लाख रुपये की रिकवरी कर लिए है। साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद कर ली है। आरोपी कपिल और संजीव के खिलाफ पहले से लड़ाई-झगड़े के मामले दर्ज हैं। जबकि गिरफ्तार तीन आरोपियों का यह पहला बड़ा अपराध है। नवीन को 2 दिन पुलिस रिमांड पर लिया गया है । वहीं अन्य दोनों को जेल भेजा गया।
कानून की कर रहा है पढ़ाई
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी नवीन घटना का सूत्रधार है। नवीन कानून की पढ़ाई कर रहा है। वह गांव नरियाला के मौजूदा सरंपच ओमवती का छोटा बेटा है। आरोपी नवीन का बड़ा भाई गुजरात की कंपनी में कार्यरत है। जोकि घर से दूर रहता है। नवीन की दो साल पहले शादी हुई थी।